नई दिल्ली। चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग अगले हफ्ते ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन हिस्सा नहीं लेंगे। अगर वे इस सम्मेलन में नहीं जाते हैं तो 12 साल में पहला मौका होगा, जब चीन के राष्ट्रपति इस सम्मेलन का हिस्सा नहीं होंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार शी जिनफिंग ब्रिक्स सम्मेलन से दूर रहेंगे। बताया जा रहा है कि ब्रिक्स से इतर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ब्राजील के राष्ट्रपति इनासियो लूला डी सिल्वा की ओर स्टेट डिनर पर आमंत्रित किए जाने से जिनफिंग नाराज हुए हैं।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया है कि सम्मेलन के बाद स्टेट डिनर में मोदी को बुलाए जाने से जिनफिंग नाराज हैं। गौरतलब है कि ब्राजील में छह और सात जुलाई को 17वां ब्रिक्स सम्मेलन होने वाला है। सम्मेलन के बाद स्टेट डिनर के लिए ब्राजील के राष्ट्रपति इनासियो लूला डी सिल्वा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुलाया है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति जिनफिंग को लग रहा है कि मोदी के सामने उन्हें कम तवज्जो मिलेगी।
हालांकि, राष्ट्रपति शी के ब्रिक्स सम्मेलन में नहीं शामिल होने के बारे में चीन ने आधिकारिक रूप से उनके पहले से तय कार्यक्रमों का हवाला दिया है। हालांकि चीन के राष्ट्रपति के नहीं आने की खबरों से ब्राजील के राष्ट्रपति नाराज बताए जा रहे हैं। शी जिनफिंग के बतौर राष्ट्रपति 12 साल के कार्यकाल में ऐसा पहली बार होगा, जब वे ब्रिक्स सम्मेलन में नहीं जाएंगे। वे 2013 से हर साल सम्मेलन में शामिल हुए हैं। कोविड महामारी के दौरान, उन्होंने दो साल ब्रिक्स सम्मेलन में वर्चुअल तरीके से हिस्सा लिया था। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति जिनपिंग की जगह अब प्रधानमंत्री ली कियांग देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
हालांकि, चीन ने अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने ब्राजील के एक अखबार से कहा कि सही समय आने पर इसकी जानकारी दी जाएगी। उधर ब्राजील के विदेश मंत्रालय ने इस मसले पर कहा कि वह विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के आंतरिक फैसलों पर टिप्पणी नहीं करेगा। चीन की तरफ से यह भी कहा जा रहा है कि मई में दोनों देशों के राष्ट्रपतियों की मुलाकात हुई थी। इसलिए शी जिनफिंग ब्राजील जाने की जरुरत नहीं समझ रहे हैं।