Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

हर तरफ अमित शाह का जलवा

थोड़े दिन पहले तक हर जगह अमित शाह को खोजा जा रहा था। उनकी राजनीतिक गतिविधियां शिथिल हो गई थीं। परदे के पीछे से कुछ काम कर रहे थे तो वह अलग बात है। उसकी जानकारी लोगों को नहीं मिल रही थी। लेकिन अब हर तरफ अमित शाह ही दिखाई दे रहे हैं। वे ऐसे काम भी कर रहे हैं, जो पहले प्रधानमंत्री करते थे। यह भी कह सकते हैं कि जो काम करने का विशेषाधिकार प्रधानमंत्री का था वह भी अमित शाह कर रहे हैं। बिगबैंग के साथ अमित शाह की वापसी 13 और 14 सितंबर को महाराष्ट्र से हुई। उनके दो दिन के दौरे में खूब राजनीति हुई। उसके बाद 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के रोज वडनगर में जो कार्यक्रम हुए उसके बाद से लगातार अमित शाह का कोई न कोई कार्यक्रम हो रहा है। मुंबई से लेकर दिल्ली, नोएडा और पंजाब तक हर तरफ वे दिखाई दे रहे हैं।

दिल्ली में अमित शाह ने मंगलवार को 19 सौ करोड़ रुपए से ज्यादा की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें एक परियोजना पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाले बारापुला रोड की भी थी। इसके उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर मंगलवार को अखबारों में जो विज्ञापन छपा उसमें ऊपर एक कोने में प्रधानमंत्री की तस्वीर थी और अमित शाह की बड़ी आदमकद तस्वीर लगी थी। ध्यान रहे सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि सरकारी विज्ञापनों में सिर्फ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीर छपेगी। हालांकि सरकारें कोई न कोई लूपहोल निकाल कर दूसरे नेताओं की भी तस्वीरें छापती हैं।

लेकिन दिल्ली के इस विज्ञापन में दिखा कि पूरा कार्यक्रम अमित शाह था। उद्घाटन के बाद बुधवार के अखबारों में जो तस्वीरें हैं वो बिल्कुल उस तरह की हैं, जैसी प्रधानमंत्री मोदी की होती हैं। वे पुल या फ्लाईओवर का उद्घाटन करने के बाद जैसे उस पर चलते हैं और हाथ हिलाते हैं वैसे अमित शाह कर रहे थे। सोचें, राजधानी दिल्ली में इतने बड़े बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट का उद्घाटन था वह प्रधानमंत्री की बजाय गृह मंत्री अमित शाह ने किया!

इससे ठीक पहले नोएडा की तस्वीरें आई थीं। उत्तर प्रदेश के इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन अमित शाह ने किया था। कुछ दिन पहले पूछा जा रहा था कि अमित शाह उत्तर प्रदेश से क्यों दूर हैं और उनके योगी आदित्यनाथ के साथ विवाद की खबरें चल रही थीं। लेकिन शाह ने ट्रेड शो का उद्घाटन किया, योगी आदित्यनाथ की तारीफ की और अगले चुनाव में जीत का दावा किया। बहरहाल, दिल्ली के बाद अमित शाह का मुकाम पंजाब था।

वे बुधवार, 30 सितंबर को पंजाब के जालंधर पहुंचे, जहां उन्होंने एक बड़ी रैली को संबोधित किया। भाजपा ने इस रैली में एक लाख लोगों को जुटाने का दावा किया था। हालांकि लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुए हंगामे और विवाद का असर रैली पर दिखा। फिर भी पंजाब के चुनाव से पहले अमित शाह की जालंधर रैली का बड़ा मतलब है। दोआबा के इस इलाके को साधने के लिए ही कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी भी जालंधर गए थे। अमित शाह ने भाजपा की नशामुक्त पंजाब रैली का समापन किया है। सो, अमित शाह न सिर्फ पूरी तरह से कमान में दिख रहे हैं, बल्कि हर तरफ दिखाई भी दे रहे हैं।

Exit mobile version