देश के कई राज्यों में राज्यपाल और उप राज्यपालों की नियुक्ति होने वाली है। लेकिन सरकार टुकड़ों टुकड़ों में नियुक्ति कर रही है। रिटायर एडमिरल डीके जोशी की जगह उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को अंडमान निकोबार द्वीप समूह का उप राज्यपाल बनाया गया है। तमिलनाडु में राज्यपाल का पद छह महीने से ज्यादा समय से खाली है। आरएन रवि को पश्चिम बंगाल भेजे जाने के बाद से ही पद खाली है और केरलम के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर प्रभारी के तौर पर कामकाज संभाल रहे हैं। पिछले कई दिनों से किसी बड़े नेता को वहां राज्यपाल बना कर भेजे जाने की चर्चा है।
इसी तरह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले आनंदी बेन पटेल के हटने और किसी बड़े ब्राह्मण नेता के वहां का राज्यपाल बनने की चर्चा है। ऐसे ही कर्नाटक में थावरचंद गहलोत की जगह किसी ज्यादा सक्रिय नेता को भेजे जाने की खबर है। इस बीच जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा भी छुट्टी पर चले गए हैं। भाजपा के जानकार नेताओं का कहना है कि जो करना है वह अगले 15 दिन में करना है, नहीं तो फिर पितृपक्ष शुरू होने के बाद दो हफ्ते तक कोई काम नहीं होगा। मंत्रिमंडल में फेरबदल का मामला भी टल रहा है। ध्यान रहे 11 से 13 सितंबर तक ब्रिक्स सम्मेलन की धूम है। उसके बाद प्रधानमत्री का जन्मदिन है। फिर सात अक्टूबर को उनके पद पर रह कर ‘देश सेवा’ के 25 साल हो रहे हैं, उसके कार्यक्रम शुरू होंगे। तभी संभावना जताई जा रही है कि बड़े पैमाने पर बदलाव और नई नियुक्तियों नवरात्रों में ही होंगी।
