बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान भारत की यात्रा टाल रहे हैं। इससे पहले वे चीन की यात्रा पर चले गए। कहा जा रहा है कि इसके पीछे उनके भारत यात्रा टालने के पीछे कुछ हाथ भारत की अंदरूनी राजनीति का भी है। जानकार सूत्रों का कहना है कि विदेश सेवा के अधिकारियों यानी आईएफएस अधिकारियों की लॉबी ने ऐसी गड़बड़ी की है, जिससे तारिक रहमान चिढ़े हैं और भारत की यात्रा टाल रहे हैं। आईएफएस लॉबी की नाराजगी का कारण यह है कि सरकार ने सेवा से बाहर के दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत का राजदूत बना दिया।
असल में भारत सरकार पड़ोस के देशों में राजनीतिक लोगों की नियुक्ति पर काफी समय से विचार कर रही थी। पहली नियुक्ति दिनेश त्रिवेदी की हुई। उसके बाद से आईएफएस लॉबी खेल बिगाड़ रही है। कहा जा रहा है कि किसी आईएफएस अधिकारी ने ही भारत में रह रहीं निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस की इजाजत दी। उनके वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस करने और दिसंबर में ढाका लौटने के ऐलान से तारिक रहमान नाराज हुए। पहले ऐसे ही मामले की इजाजत नहीं दी गई थी।
