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खड़गे के मामले पर भाजपा चिंता में

PM Modi

New Delhi, Dec 11 (ANI): Leader of Opposition in Rajya Sabha and Congress President Mallikarjun Kharge addresses the press conference along with leaders of all INDIA bloc in the Rajya Sabha, at Constitution Club, in New Delhi on Wednesday. (ANI Photo/Ishant)

भारतीय जनता पार्टी में मल्लिकार्जुन खड़गे के मामले को लेकर चिंता है। भले पार्टी के नेता पब्लिक में जो कह रहे हों लेकिन जानकार सूत्रों का कहना है कि पार्टी को लग रहा है कि ऐन चुनाव से पहले उत्तराखंड में इस मसले का नुकसान हो सकता है। तभी डैमेज कंट्रोल में खुद पार्टी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष को उतरना पड़ा। उनसे पहले मामले को स्थानीय नेताओं ने सांप्रदायिक रूप दिया, जिसे राइटविंग इकोसिस्टम में खूब प्रचारित किया। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में रैली हो रही थी, जहां ‘अल्लाहू अकबर’ के नारे लगे इसलिए शुद्धीकरण किया गया। फिर यही लाइन बीएल संतोष ने भी पकड़ी और सोशल मीडिया में इसका बचाव किया। उन्होंने यह भी कहा कि शुद्धीकरण में कई दलित भी शामिल थे। इसलिए यह दलित अपमान का मुद्दा नहीं बनता है।

समस्या यह है कि शुद्धीकरण में शामिल दलित दूसरी बात कह रहे हैं। एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे कह रहे हैं कि उनको पता नहीं था कि वहां क्या होने वाला है। उनका कहना है कि उनसे कहा गया था कि वहां प्रसाद बंटने वाला है। दूसरी बात यह है कि राहुल गांधी ने और दूसरे लोगों ने भी सोशल मीडिया में खड़गे के कार्यक्रम का पूरा वीडियो दिखाया है, जिसमें कभी भी धार्मिक नारे नहीं लग रहे हैं। सो, इसे सांप्रदायिक रूप देने का मामला शायद कामयाब नहीं होगा।

हालांकि इसके बावजूद भाजपा को लग रहा है कि इस विवाद वह उत्तराखंड की राजनीति को नियंत्रित करने वाली दोनों जातियों ब्राह्मण औऱ ठाकुर को साध लेगी। लेकिन यह समझने की बात है कि उत्तराखंड में दलित आबादी 19 फीसदी और मुस्लिम आबादी 14 फीसदी है। अगर यह वोट कांग्रेस के साथ एकजुट हुआ तो फिर मुश्किल होगी। इसके अलावा खड़गे प्रकरण का नुकसान उत्तराखंड के बाहर दूसरे राज्यों में भी होगा।

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