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  • धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर छत्तीसगढ़ भाजपा के नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रिया

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छत्तीसगढ़ के दो वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इसे जारी आंदोलन को शांत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि देशहित में धर्मेंद्र प्रधान को अपना इस्तीफा वापस ले लेना चाहिए। डॉ. रमन सिंह ने दुर्ग में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेपर लीक जैसे मामलों पर पहले ही सख्त कानून बनाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में किसी भी छात्र...

  • भाजपा की उलटी रणनीति

    ऐसा लग रहा है कि भाजपा और उसकी सरकार आजकल जो भी रणनीति बनाती है वह उलटी पड़ रही है। सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से उठवाने की रणनीति हो या छात्रों पर लाठीचार्ज की रणनीति हो दोनों का उलटा असर हुआ है। ऐसे ही राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने के खिलाफ भाजपा की ओर से राज्यों में कांग्रेस कार्यालयों पर प्रदर्शन की रणनीति भी उलटी पड़ती दिख रही है। इससे यह मैसेज जा रहा है कि भाजपा को अपने खिलाफ प्रदर्शन पसंद नहीं है और चाहे कितना भी बड़ा मुद्दा हो उस पर प्रदर्शन होगा...

  • पंजाब में अकेले लड़ेगी भाजपा

    अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में भाजपा अकेले लड़ने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को पंजाब के दौरे पर गए और चंडीगढ़ से लेकर जालंधर तो राजनीति हुई उससे यह बात और साफ हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी रविदास समाज के डेरा सचखंड बलां के प्रमुख निरंजन दास से भी मिले। पिछले साल केंद्र सरकार ने उनको पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया था। गौरतलब है कि पंजाब में करीब 33 फीसदी दलित आबादी है। इसमें बड़ा हिस्सा रविदास समुदाय का है। उनकी राजनीतिक मजहबी दलितों से अलग होती है। वाल्मिकी भी अच्छी खासी...

  • टीएमसी नेताओं पर भाजपा की दुविधा

    ममता बनर्जी की पार्टी के नेताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष नेतृत्व दुविधा में है। वैसे तो उद्धव ठाकरे की पार्टी के सांसदों को भी भाजपा ने सीधे अपने साथ लेने की बजाय एकनाथ शिंदे की पार्टी में शामिल कराया। लेकिन वहां का मामला अलग है। पश्चिम बंगाल में मामला दूसरा है। भाजपा नहीं चाहती है कि ममता बनर्जी के बहुत करीब रहे नेताओं को सीधे भाजपा में शामिल कराया जाए। इससे जनता के बीच धारणा बदलने का खतरा है। तभी उनकी पार्टी के 28 में से 20 सांसदों को सीधे भाजपा में लेकर अपना बहुमत बनाने की...

  • छोटी पार्टियों पर भाजपा की नजर

    ऐसा नहीं है कि भारतीय जनता पार्टी सिर्फ बड़ी पार्टियों को तोड़ कर संसद के मानसून सत्र में दो तिहाई बहुमत जुटाने का प्रयास कर रही है। कई छोटी पार्टियों पर नजर है और उनके लिए परदे के पीछे से बात हो रही है। जानकार सूत्रों का कहना है कि झारखंड में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा से लेकर जम्मू कश्मीर की नेशनल कान्फ्रेंस और दिल्ली व पंजाब की आम आदमी पार्टी के सांसदों से भी बात हो रही है। कहा जा रहा है कि अगर इन पार्टियों के नेता संसद के मानसून सत्र में संविधान संशोधन के लिए लाए जाने...

  • भाजपा ने चार कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया

    छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजनांदगांव जिला इकाई ने कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों और सोशल मीडिया पर वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ टिप्पणी करने के आरोप में डोंगरगढ़ शहर मंडल के चार सक्रिय कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, परविंदर सिंह मोंटी, प्रिंस कक्कड़, वीरेंद्र साहू और संतोष राव पर सोशल मीडिया तथा अन्य सार्वजनिक मंचों पर पार्टी और उसके वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ विरोधात्मक टिप्पणियां करने का आरोप है।  Also Read : भाजपा छोड़ पूर्व विधायक के पुत्र ऋषि दिवाकर कांग्रेस में शामिल पार्टी का कहना...

  • भाजपा में नए प्रादेशिक क्षत्रप बन रहे हैं

    अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी की भाजपा में कई प्रादेशिक क्षत्रप थे। ये क्षत्रप अपने केंद्रीय नेतृत्व का सम्मान तो करते थे लेकिन उनके भरोसे राजनीति नहीं करते थे। अपने प्रदेश की राजनीति में उनका अपना असर होता था। कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा उस जमाने के एकमात्र क्षत्रप हैं, जिन्होंने अभी तक अपनी ताकत बचा कर रखी है। कम से कम इस समय तक भाजपा का सर्वशक्तिशाली केंद्रीय नेतृत्व येदियुरप्पा को माइनस करके कर्नाटक की राजनीति नहीं कर पा रहा है। उनके अलावा बाकी क्षत्रपों का राजनीतिक असर समाप्त हो चुका है। मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़...

  • भाजपा को पुराने नेताओं की परवाह नहीं

    भारतीय जनता पार्टी में पुराने नेताओं को ठिकाने लगाने का अभियान पिछले कई बरसों से चल रहा है। लेकिन अब अंतर यह आ गया है कि भाजपा उनकी नाराजगी की परवाह किए बगैर निपटा रही है। पहले मुख्यधारा से हटा कर कहीं दूसरी जगह एडजस्ट किया जाता था और फिर चुपचाप किनारे कर दिया जाता था। ऐसे कितने ही नेता हैं, जो थोड़े समय पहले तक राष्ट्रीय क्षितिज पर चमक रहे थे लेकिन आज खोजने से नहीं मिलेंगे। जैसे पिछले दिनों किसी ने पूछा कि अनिल जैन कहां हैं? लोगों को पता नहीं है। कुछ समय पहले वे पार्टी के...

  • ‘मोशा’ से कुनमुनाहट का ताज़ा पथ-संचलन

    बारह बरस में भाजपा के आंगन में प्रवेश करने वाले सारे सियासी घुसपैठिए ‘मोशा- के लिए बूमरेंग साबित होंगे।... बारह साल में तक़रीबन दो सौ सांसद और विधायक दूसरे राजनीतिक दलों को छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए हैं। हर चार दलबदलू सांसदों-विधायकों में से तीन से ज़्यादा को भाजपा ने सीधे अपनी गोद में बिठाया है और आधा-पौना ही अपना दल छोड़ने के बाद भाजपा के बजाय कहीं और गए हैं। भाजपा में शामिल हुए 68 प्रतिशत सांसद-विधायक पहले कांग्रेस में थे। ‘मोशा’-जोड़ी ने भारतीय जनता पार्टी की मूल चाल, उस के मूल चरित्र और चेहरे को पिछले बारह...

  • बांकीपुर उपचुनाव : भाजपा प्रत्याशी अभिषेक कुमार सिन्हा ने दाखिल किया नामांकन

    बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा ने बृहस्पतिवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले सिन्हा ने कृष्णानगर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर और सिद्धिदात्री ज्वाला मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने अपने माता-पिता का आशीर्वाद लिया और नामांकन केंद्र के लिए रवाना हुए। सिन्हा के नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी समेत...

  • संगठन में बदलाव भी टल रहा है

    नितिन नबीन को भाजपा का अध्यक्ष बने छह महीने हो गए। वैसे तो उनको पिछले साल दिसंबर में कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन जनवरी में वे पूर्णकालिक अध्यक्ष बन गए। तभी से इस बात की चर्चा चल रही है कि बहुत जल्दी राष्ट्रीय संगठन में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति होगी। लेकिन छह महीने में नितिन नबीन नई टीम नहीं बना पाए हैं। हालांकि ऐसा नहीं है कि इसे लेकर कुछ नहीं हो रहा है। पिछले कुछ दिनों से तो लगातार बैठकें हो रही हैं। अभी हाल ही में नितिन नबीन, अमित शाह और बीएल संतोष की बैठक हुई है।...

  • यूपी में नितिन नबीन ने समझीं समस्याएं

    राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के छह महीने के बाद नितिन नबीन पहली बार उत्तर प्रदेश की यात्रा पर गए। उन्होंने दो दिन की यात्रा में उत्तर प्रदेश की समस्याओं को जाना समझा है। गौरतलब है कि बहुत जल्दी राज्य में चुनाव होने वाला है और उससे सरकार के अंदर और सरकार व संगठन के बीच कई मामलों को लेकर तालमेल नहीं बैठ रहा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वे केंद्र में मंत्री भी हैं। वे मंत्री पद छोड़ेंगे। पिछले दिनों उन्होंने सभी सांगठनिक जिलों के अध्यक्ष बनाए और संगठन के पदाधिकारियों की नियुक्ति की।...

  • भारत में मुश्किल है दो दलीय व्यवस्था

    हो सकता है कि यह कांग्रेस के कुछ नेताओं की सदिच्छा हो या यह भी हो सकता है कि कांग्रेस से ज्यादा भाजपा, मीडिया के एक हिस्से और राइटविंग इकोसिस्टम की सदिच्छा हो कि प्रादेशिक पार्टियां समाप्त हो जाएं। लेकिन ऐसा होने की संभावना नहीं दिख रही है। हां, यह जरूर है कि प्रादेशिक पार्टियों के कमजोर होने से कांग्रेस की राजनीति थोड़ी मजबूत हो जाए। ध्यान रहे भाजपा के साथ वाली प्रादेशिक पार्टियां कमजोर नहीं हो रही हैं। एकाध अपवाद हो सकते हैं लेकिन भाजपा के साथ साथ उसकी सहयोगी पार्टियां भी मजबूत हुई हैं। दूसरी ओर भाजपा विरोधी...

  • भाजपा में अब कांग्रेस जैसी राजनीति

    भारतीय जनता पार्टी हमेशा कांग्रेस के मुकाबले ज्यादा अनुशासित पार्टी रही है। पिछले 12 साल में नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने इस अनुशासन को और मजबूत किया। गोपनीयता का एक ऐसा ढांचा बनाया कि ज्यादातर फैसलों की जानकारी बड़े नेताओं तक को नहीं होती है। पार्टी के बाहर मीडिया को इस तरह से नियंत्रित किया कि सरकार और पार्टी के खिलाफ कोई भी खबर नहीं छपती है। अगर सचमुच की खबर होती भी है तो मीडिया के लोगों की जिम्मेदारी होती है कि वे इसके बचाव के तर्क खोजें और मामले को भटकाएं। लेकिन अचानक सारी चीजें बदल गई...

  • कर्नाटक भाजपा में क्रॉस वोटिंग पर सिर फुटौव्वल

    बाकी पार्टियों में क्रॉस वोटिंग होती है तो वह बड़ा मुद्दा नहीं बनता है। लेकिन आज की भाजपा में क्रॉस वोटिंग हो जाना निश्चित रूप से बड़ा मुद्दा है। कर्नाटक में भाजपा के 11 विधायकों ने एमएलसी के चुनाव में क्रॉस वोटिंग की है। इस पर सिर फुटौव्वल है। भाजपा आलाकमान को इसकी पूरी जानकारी चाहिए। दिल्ली से कहा गया है कि किसी तरह से उन 11 लोगों की पहचान की जाए, जिन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में वोट किया। 11 लोगों की क्रॉस वोटिंग के कारण भाजपा की सहयोगी जनता दल एस का उम्मीदवार हार गया और कांग्रेस का...

  • भाजपा क्या सचमुच सब बदलने जा रही है?

    भाजपा और केंद्र सरकार में न बदलाव हो रहे हैं और न बदलावों की चर्चा थम रही है। ऐसा भी नहीं है कि पत्रकार खुद से अटकलें लगा रहे हैं। विधिवत तरीके से भाजपा की ओर से खबरें दी जा रही हैं, जिन्हें सूत्रों के हवाले से चलाया जा रहा है। हालांकि किसी को पता नहीं है कि असल में क्या होगा। वैसे भी भाजपा में पिछले कई सालों से यह ट्रेंड देखने को मिला है कि मीडिया में सूत्रों के हवाले से जो खबरें आती हैं वो सही नहीं साबित होती हैं। इसका अर्थ है कि गलत खबर फीड...

  • राष्ट्रीय टीम से पुराने चेहरे हटेंगे

    नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने 46 साल की उम्र के नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है तो निश्चित रूप से उनको बुजुर्ग लोगों की टीम नहीं सौंपी जाएगी। उनकी टीम नए लोगों की होगी। उनसे ज्यादा उम्र के कम ही लोग टीम में होंगे और उनकी उम्र में 60 साल से ज्यादा नहीं होने की खबर है। अगर ऐसा होता है तो ज्यादातर पुराने चेहरे संगठन से गायब होंगे। उनकी जगह नए लोग आएंगे। खास कर उपाध्यक्षों में बदलाव की ज्यादा चर्चा है। ध्यान रहे भाजपा के 11 उपाध्यक्ष हैं। हालांकि उनके पास कोई खास काम नहीं होता...

  • भाजपा ने क्या टाल दिया बदलाव?

    भारतीय जनता पार्टी में अचानक संगठन के बदलाव की चर्चा थम गई है। सिर्फ संगठन ही नहीं, बल्कि सरकार में होने वाली फेरबदल की भी बात नहीं हो रही है। ध्यान रहे नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बने पांच महीने हो गए हैं। लेकिन अभी तक उन्होंने अपनी टीम नहीं बनाई। जेपी नड्डा की टीम ही उनके साथ काम कर रही है। प्रदेशों में जहां कांग्रेस ने नए अध्यक्ष नियुक्त किए वहां तो फटाफट कमेटी का गठन हो गया। लेकिन केंद्रीय कमेटी का गठन नहीं हो पा रहा है। पार्टी के एक प्रभावी महासचिव तरुण चुघ को मध्य...

  • भाजपा के सहयोगियों को चिंता

    भारतीय जनता पार्टी की कई सहयोगी पार्टियां इन दिनों चिंता में बताई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को मिली जीत और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस में हो रही टूट फूट से उनकी चिंता बढ़ी है। असल में 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा की कई सहयोगी पार्टियों का महत्व अचानक बढ़ गया है। इसमें आंध्र प्रदेश की टीडीपी, बिहार की जनता दल यू औऱ महाराष्ट्र की शिव सेना का नाम खासतौर से लिया जा सकता है। बिहार की लोक जनशक्ति पार्टी का भी जिक्र किया जा सकता है। सोचें, सिर्फ पांच सांसदों...

  • विनाश से विकास की ओर बंगाल

    असल में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के अंदर बेचैनी पहले से थी वे छटपटा रहे थे और निकलने को बेचैन थे। लेकिन दूसरी कोई संभावना उनको नहीं दिख रही थी इसलिए वे मन मार कर ममता बनर्जी के साथ थे। जैसे ही उन्हें सुवेंदु अधिकारी के रूप में दूसरी संभावना दिखी उन्होंने खुले मन से उनके साथ जाने का फैसला किया। असल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ तृणमूल कांग्रेस के सभी नेताओं के बहुत अच्छे और निजी संबंध हैं। वे उनके साथ अपने को सहज महसूस कराते हैं। ऐसा लग रहा है कि तृणमूल कांग्रेस समूल रूप से ममता...

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