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  • बंगाल के पुराने भाजपा नेता खुश नहीं हैं

    पश्चिम बंगाल की एक खास राजनीतिक संस्कृति है, जो शायद देश के किसी दूसरे राज्य में नहीं है। वहां जो भी हार कर सत्ता से बाहर होता है उसके खिलाफ ऐसा माहौल बनता है, जो उसके खत्म होने पर ही शांत होता है। जैसे कांग्रेस हार कर सत्ता से बाहर हुई तो उसी पूरी तरह से समाप्त किया गया। लेफ्ट जब हारी तो वह भी पूरी तरह से खत्म हुई और अब ममता बनर्जी की पार्टी हारी है तो उसके साथ भी वैसा ही हो रहा है। पूरी तरह से खत्म करने में कोई तरह के काम होते हैं। पार्टी...

  • उत्तराखंड को लेकर भाजपा की गड़बड़ रणनीति

    भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड के हल्दवानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद हुई घटना पर अपने पुराने रुख को छोड़ चुकी है। पुराना रुख उस घटना की आलोचना करने का था। जब मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया कि उनकी सभा के बाद उस जगह का शुद्धिकरण किया गया और यह दलित अपमान है तो सदन के नेता जेपी नड्डा ने भी इसकी आलोचना की थी और कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। लेकिन उसके बाद भाजपा की रणनीति बदल गई है। उसने इसे सांप्रदायिक रंग दे दिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट...

  • राहुल का माहौल भाजपा बना रही है

    ऐसा लग रहा है कि भारतीय जनता पार्टी और उसकी सरकारों ने तय कर लिया है कि राहुल गांधी के हर कार्यक्रम का विरोध करना है। भले उस विरोध से राहुल को ही फायदा होता हो। लेकिन यह नियम के तहत भाजपा यह काम कर रही है। वैसे कांग्रेस नेताओं के लिए यह सुखद आश्चर्य की बात है कि राहुल गांधी पिछले करीब एक महीने से लगातार रैलियां, सभाएं और अन्य राजनीतिक कार्यक्रम कर रहे हैं। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का देश के अलग अलग हिस्सों में आयोजन किया जा रहा है कि भाजपा की मदद से इसमें बहुत कामयाबी...

  • भाजपा कैच 22 सिचुएशन में फंसी

    भाजपा कैच 22 सिचुएशन में फंस गई है। उसके सामने दुविधा है कि पहले विशेष सत्र बुला कर महिला आरक्षण बिल में संशोधन कराएं और परिसीमन बिल पास कराएं या मंत्रिपरिषद में फेरबदल करें। संसद में दो तिहाई बहुमत नहीं हो रहा है कि महिला आरक्षण बिल में संशोधन कराएं और यह काम होने से पहले मंत्रिपरिषद में फेरबदल करें तो उससे बहुमत जुटाने का प्रयास अलग प्रभावित होगा। सो, सरकार और भाजपा दोनों दुविधा में हैं। पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा तेज हुई है कि संसद का विशेष सत्र बुला कर परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पास कराना...

  • खड़गे के मामले पर भाजपा चिंता में

    भारतीय जनता पार्टी में मल्लिकार्जुन खड़गे के मामले को लेकर चिंता है। भले पार्टी के नेता पब्लिक में जो कह रहे हों लेकिन जानकार सूत्रों का कहना है कि पार्टी को लग रहा है कि ऐन चुनाव से पहले उत्तराखंड में इस मसले का नुकसान हो सकता है। तभी डैमेज कंट्रोल में खुद पार्टी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष को उतरना पड़ा। उनसे पहले मामले को स्थानीय नेताओं ने सांप्रदायिक रूप दिया, जिसे राइटविंग इकोसिस्टम में खूब प्रचारित किया। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में रैली हो रही थी, जहां ‘अल्लाहू अकबर’ के नारे लगे इसलिए शुद्धीकरण किया...

  • पच्चीस साल, एक अभिनेता और अनंत इवेंट

    तो अगले एक महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे-मोहरे का अखिल भारतीय प्रोपेगेंडा होगा। हां, सप्ताह में खबर थी कि मोदी ने भाजपा संगठन, नेताओं, मंत्रियों को सात सितंबर से सात अक्टूबर के बीच पच्चीस साला मोदी पावर की इवेंट के कार्यक्रमों का खाका बनवाया है। मतलब मोदी का जन्मदिन (17 सितंबर) उत्सव, सेवा सप्ताह, सेवा पखवाड़ा, रक्तदान शिविर, मोदी के कामों पर सेमिनार और व्याख्यान आदि-आदि। इसी के लिए दिल्ली में ब्रिक्स बैठक का आयोजन भी है। रूस के पुतिन, चीन के शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री सहित 21 देशों के नेताओं को भारत ने न्योता...

  • आप से तालमेल किया तो डूबेगी कांग्रेस

    कांग्रेस पार्टी वही गलती करने जा रही है, जो उसने 2016 और 2021 के केरल व पश्चिम बंगाल चुनाव के समय किया था। कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में वामपंथी पार्टियों के साथ तालमेल कर लिया, जबकि केरल में उसे वामपंथी मोर्चे के खिलाफ लड़ना था। नतीजा यह हुआ कि कांग्रेस दोनों चुनाव केरल में बुरी तरह से हारी। इसका कारण यह था कि कांग्रेस मतदाताओं को यकीन नहीं दिला सकी कि वह और वामपंथी पार्टियां अलग हैं। इसलिए लोकसभा में केरल के लोगों ने कांग्रेस को वोट किया और विधानसभा में लेफ्ट मोर्चा का। अभी पांच राज्यों में चुनाव होने...

  • पंजाब में भाजपा अड़ी है

    भारतीय जनता पार्टी ने अकाली दल को हरी झंडी तो दे दी है लेकिन तालमेल से पहले इस बात पर अड़ी है कि वह बराबर सीटों पर लड़ेगी। यह भाजपा की रणनीति होती है। उसने बिहार में धीरे धीरे करके नीतीश कुमार की पार्टी को अपने बराबर पर ला दिया, जबकि 2010 तक जनता दल यू बड़ी पार्टी थी। वह भाजपा के मुकाबले डेढ़ गुना तक ज्यादा सीट लड़ती थी। 2009 के लोकसभा में भाजपा 15 और जदयू 25 सीटों पर लड़ी थी, जबकि 2010 के विधानसभा चुनाव में भाजपा 101 और जदयू 142 सीट पर लड़ी थी। लेकिन पिछले...

  • भाजपा अब खोखा नहीं तो क्या?

    मैंने जनसंघ, भाजपा को बढ़ते-बनते देखा है। लोकसभा की दो सीट (1984) व 7.7 प्रतिशत वोटों से 282 सीटें (2014) तथा 31.3 प्रतिशत वोट प्राप्ति का विकास भी देखा। 1984 से 2014 के इन तीस वर्षों में भाजपा-संघ की तब पूंजी थी चाल, चेहरा और चरित्र। और इसी के क्रम में 2014 में नरेंद्र मोदी ने एकछत्र सत्ता पाई। वह सब अब उस खोखे में कनवर्ट है, जिसका न कोई धर्म है, न ईमान और न चरित्र। इन बारह वर्षों में अमित शाह से मौजूदा नितिन नवीन की अध्यक्षता की भाजपा भारत की राजनीति का वह खोखा बन चुकी है,...

  • खोखा संघ और नियति मठ!

    सन् 1980 में अटलबिहारी वाजपेयी के सुर में जनसंघ का जब भाजपा नाम से जन्म हुआ तब संघ के प्रमुख थे बालासाहब देवरस। फिर प्रो. राजेंद्रसिंह, सुदर्शन बने। तब भाउराव देवरस भाजपा के साथ संघ के समन्वयक थे। (जैसे इन दिनों अरूणकुमार है) कर्नाटक के एक एच. वी. शेषाद्रि, दत्तोपंत ठेंगड़ी, मोरोपंत पिंगले, यादवराव जोशी, एकनाथ रानाडे जैसे वे प्रचारक भी थे जो वैचारिक तौर पर चाहे जितने ठस हो लेकिन चाल, चेहरे, चरित्र में बेदाग थे। इंदिरा गांधी से ले कर राजीव गांधी, नरसिंहराव, वीपीसिंह आदि कईयों से इन प्रचारकों की मुलाकात हुई थी। ये भरोसा पैदा करते थे,...

  • खोखा पार्टी की आंदोलन अक्षमता!

    भारतीय जनता पार्टी कभी आंदोलन करने वाली पार्टी थी। जब उसके दो सांसद थे तब उसने देश भर में राममंदिर का आंदोलन खड़ा किया था। यह उसके संगठन की ताकत थी और उसके बड़े नेताओं की वैचारिक व सांगठनिक ईमानदारी थी कि पार्टी इतना बड़ा आंदोलन खड़ा कर पाई। भाजपा के संगठन के लिहाज से कहें तो नब्बे का दशक उसका स्वर्णिम समय था। एक तरफ राममंदिर का आंदोलन चल रहा था और दूसरी ओर जब उसके काउंटर में मंडल का आंदोलन शुरू हुआ तो उसमें भी भाजपा ने अपने समर्थक समूहों को आंदोलित करके मंडल के खिलाफ भी एक...

  • सोशल मीडिया अकाउंट्स की सफाई

    भारतीय जनता पार्टी की नई टीम की जैसे ही घोषणा हुई वैसे ही एक कमाल का घटनाक्रम देखने को मिला। सोशल मीडिया के प्रभारी दीपक म्हस्के और उनके साथ सह प्रभारी बनाए गए चार लोग प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव के सोशल मीडिया अकाउंट डिएक्टिवेट हो गए। उनकी एक्सेस समाप्त कर दी गई। सब कयास लगाने लगे कि ऐसा क्या हो गया कि सोशल मीडिया की टीम का ही सोशल मीडिया अकाउंट बंद हो गया! बताया जा रहा है कि इन सभी पांच लोगों के कई पुरानी पोस्ट्स हैं, जो बहुत आपत्तिजनक हैं। कई पोस्ट में...

  • ऐसी ही टीम बननी थी भाजपा की

    नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने के बाद 209 दिन तक चले मंथन से भाजपा का संगठन चलाने के लिए जो ‘रत्न’ चुने गए हैं उनको देख कर कतई हैरानी नहीं हुई। अगर भाजपा संगठन में ऐसे पदाधिकारी नहीं चुने जाते या टीम ऐसी ही नहीं बनती तो हैरानी होती। ध्यान रहे जब कोई पार्टी सरकार में होती है तो उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष या संगठन का कोई खास महत्व नहीं रह जाता है। फिर भी भाजपा चूंकि संगठन वाली पार्टी मानी जाती है इसलिए एक कवायद दिखाई जाती है। उस कवायद से जो टीम बनी है वह बिल्कुल...

  • बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम का ऐलान

    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कमान संभालने के करीब सात महीने बाद श्री नितिन नवीन ने सोमवार को अपनी नयी टीम की घोषणा कर दी। भाजपा महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी सूची के अनुसार श्री नवीन की टीम में श्री राम माधव और श्रीमती स्मृति ईरानी जैसे कई नेताओं की एंट्री हुई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। वहीं श्री राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। श्री नवीन की टीम में 13 लोगों को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। श्री नवीन पार्टी ने सात राज्यों से आठ लोगों...

  • भाजपा ने सोनिया पर ‘वंदे मातरम्’ को लेकर आपत्ति का आरोप लगाया

    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण के गायन पर आपत्ति जताई। हालांकि, विपक्षी दल कांग्रेस ने इस आरोप का खंडन किया है। कांग्रेस ने कहा कि राष्ट्रगीत के पूर्ण संस्करण के गायन को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया था। पार्टी ने कहा कि गांधी केवल पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी को लेकर कह रही थीं, क्योंकि वह काफी समय से खड़े थे। भाजपा के संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने कांग्रेस के कार्यक्रम का वीडियो फुटेज साझा...

  • पंजाब में भाजपा की दबाव की राजनीति

    भारतीय जनता पार्टी ने तय कर लिया है कि वह पंजाब में अकाली दल के साथ मिल कर लड़ेगी। इस बारे में परदे के पीछे हुई लंबी बातचीत के बाद ही अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने गए थे। उस मुलाकात के बाद पार्टी ने परिसीमन पर भी सरकार का साथ देने की बात कही है। भले उनकी पार्टी के पास सिर्फ एक लोकसभा सीट है लेकिन भाजपा इस समय एक एक सीट की तलाश में है। तभी मिजोरम की सत्तारूढ़ पार्टी जेडपीएम की भी सरकार को जरुरत है। बहरहाल, सब तय होने के बाद...

  • भाजपा को अगड़ी जातियों की चिंता

    बिहार की बांकीपुर सीट पर भाजपा की हार का बिहार की राजनीति पर चाहे जो असर हो लेकिन इस नतीजे ने उत्तर प्रदेश में भाजपा को चिंता में डाल दिया है। ध्यान रहे बिहार के मुकाबले उत्तर प्रदेश में सवर्ण आबादी लगभग दोगुनी है। बिहार जाति गणना के मुताबिक सिर्फ साढ़े 10 फीसदी सवर्ण हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आबादी करीब 20 फीसदी है। हालांकि अगड़ी जातियों का दावा 25 फीसदी वोट का है। फिर भी एक अंदाजा 20 फीसदी वोट का है। इसमें सबसे ज्यादा ब्राह्मण हैं। यूपी में वैसे भी यह आबादी ज्यादा इसलिए हो जाती है...

  • भाजपा: सुरक्षित सीटों से भी सवाल!

    भारत में कई चुनाव परिणाम सरकारें बदलते हैं, लेकिन कुछ परिणाम राजनीतिक समझ बदलते हैं। बांकीपुर और दतिया के उपचुनाव उसी दूसरी श्रेणी के हैं। उन्होंने भाजपा की चुनावी ताकत को नहीं डिगाया, न ही मोदी-शाह की राजनीति का अंत घोषित किया। लेकिन इतना जरूर बता दिया कि मतदाता उस राजनीतिक खेल से बाहर निकलने लगा है, जिसमें उसे जाति, धर्म, लाभार्थी, राष्ट्रवाद या संगठन की तयशुदा श्रेणियों में बंधा हुआ समझा जाता था। अब भाजपा की सबसे बड़ी चुनौती विपक्ष नहीं, बल्कि वही मतदाता है जिसकी नस पकड़ लेने का उसका दावा रहा है। और लोकतंत्र में सबसे निर्णायक...

  • भाजपा को व्हाट्सएप फॉरवर्ड की चिंता

    सोचें, क्या समय आ गया है? भारतीय जनता पार्टी इस बात से परेशान है कि व्हाट्सएप पर उसकी सरकार के खिलाफ प्रोपेगेंडा चल रहा है। सोचें, पिछले करीब 12 साल से कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियां इस बात से परेशान थीं कि व्हाट्सएप पर प्रचारित होने वाले संदेशों और अनगिनत फॉरवर्ड से उनको नुकसान हो रहा है। तभी भाजपा समर्थकों के लिए कांग्रेस के इकोसिस्टम की ओर से व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी में पढ़े होने का जुमला गढ़ा गया था। यह बात काफी हद तक सही भी है कि भाजपा ने सोशल मीडिया के मैसेंजर एप्स का खूब इस्तेमाल किया। उसी पर...

  • भाजपा नेताओं के बोलने पर रोक!

    भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं के मुंह पर ताले लग गए हैं। कहा जा रहा है कि पार्टी की ओर से उनको कहा गया है कि वे आउट ऑफ द टर्न बयान न दें। इसके बाद ही पार्टी के प्रवक्ता ज्यादा सक्रिय हुए। चढ़ावा चोरी से लेकर छात्रों के प्रदर्शन तक के मुद्दे पर संबित पात्रा की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हुई। असल में भाजपा के कई नेताओं के बयानों से पार्टी का कोर वोट बैंक नाराज हो रहा था। भाजपा के बड़े नेता भी असहज हो रहे थे। इनमें कंगना रनौत भी एक सांसद हैं, जिनके बयानों ने पिछले...

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