मुंबई। विधानसभा चुनाव में भारी भरकम जीत हासिल करने के बाद अब बृहन्नमुंबई महानगर निगम यानी बीएमसी में भी भाजपा गठबंधन को बड़ी जीत मिलने का अनुमान है। 227 सदस्यों की बीएमसी में चुनाव के बाद आए एक्जिट पोल के अनुमानों में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति को पूर्ण बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है। दो एक्जिट पोल अनुमानों में महायुति को 138 सीटें तो एक एक्जिट पोल में डेढ़ सौ सीट मिलने का अनुमान जताया गया है। बहुमत का आंकड़ा 114 सीटों का है। अगर नतीजे इसी लाइन पर आते हैं तो 25 साल के बाद बीएमसी पर से ठाकरे परिवार का नियंत्रण समाप्त हो जाएगा।
भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिव सेना को 40 से 44 फीसदी तक वोट मिलने का अनुमान जताया गया है। उद्धव ठाकरे की शिव सेना और राज ठाकरे की मनसे गठबंधन को 60 के करीब सीटें और 30 से 33 फीसदी तक वोट मिलने का अनुमान जताया गया है। कांग्रेस गठबंधन को 23 सीट मिलने का अनुमान है। इस गठबंधन में कांग्रेस के अलावा प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी और शरद पवार की एनसीपी शामिल है। मुंबई के अलावा 28 और शहरों में नगर निगम के चुनाव हुए हैं। नतीजे शुक्रवार, 16 जनवरी को आएंगे। गौरतलब है कि बीएमएसी एशिया का सबसे अमीर नगर निगम है, जिसका बजट 74 हजार करोड़ रुपए का है।
बहरहाल, इससे पहले गुरुवार, 15 जनवरी को सभी 29 शहरी निकायों के लिए मतदान हुआ। चुनाव आयोग की ओर से जारी शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक बीएमसी में 50 फीसदी के करीब वोटिंग हुई। राज्य के चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने मतदान के बाद बताया कि सभी नगर निगम में शाम साढ़े पांच बजे वोटिंग खत्म हुई। उन्होंने कहा कि करीब 50 फीसदी मतदान का अनुमान है। हालांकि अंतिम आंकड़े बाद में जारी होंगे।
गौरतलब है कि नगर निगम चुनाव हर पांच साल में होते हैं। परंतु बीएमसी का पिछला पिछले चार साल से रूका हुआ था। आखिरी बार बीएमसी का चुनाव 2017 में हुआ था। अगला चुनाव 2022 में होना था। परंतु उस दौरान चुनाव प्रक्रिया और वार्ड सीमाओं में बदलाव चल रहे थे। इन बदलावों के चलते पुरानी सीटों पर चुनाव करना संभव नहीं था, इसलिए चुनाव टाल दिए गए। हालांकि ये सीटों की संख्या बढ़ाने या सीमा बदलने के प्रस्ताव पास नहीं हुए। सर्वोच्च अदालत के आदेश पर ये चुनाव हुए हैं।


