पिछले दिनों अकाली दल के नेता सुखबीर बादल की प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई, जिससे बाद पंजाब के अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा और अकाली दल के तालमेल की चर्चा तेज हो गई है। इस बीच महाराष्ट्र के एक गुरुद्वारे में सुखबीर बादल के ऊपर हमला हो गया। इससे पंजाब की राजनीति में अलग उबाल आय़ा हुआ है। सुखबीर की पत्नी और बठिंडा के सांसद हरसिमरत कौर बादल ने इसे लेकर प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखी है औऱ सुखबीर पर हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए से कराने की मांग की है। अभी बादल परिवार के प्रति भाजपा का पूरा सद्भाव दिख रहा है। सुखबीर पर हमले के बाद भाजपा के अनेक बड़े नेताओं ने उनको और हरसिमरत कौर को फोन करके कुशलक्षेम पूछी थी।
बहरहाल, अकाली दल के साथ तालमेल की बातचीत के साथ साथ भाजपा अकेले चलने की तैयारी भी कर रही है। उसके नेता अकेले सभी 117 सीटों पर लड़ने की बात कर रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने जाट सिख वोट और हिंदू वोटों के साथ साथ इस बार दलित वोट को ध्यान रखते हुए कई कार्यक्रम प्लान किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी पंजाब दौरे में डेरा सचखंड बलां गए थे, जो रविदासी समुदाय का एक बड़ा डेरा है। इसके जरिए भाजपा ने दलित समुदाय के एक बड़े हिस्से को लुभाने का प्रयास किया है। इसी प्रयास में पांच अक्टूबर से भाजपा सामाजिक समरसता यात्रा शुरू कर रही है। संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर यह यात्रा होगी। पांच अक्टूबर को यात्रा पंजाब के जालंधर से शुरू होगी और पांच नवंबर को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पूरी होगी। यात्रा दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड आदि राज्यों से होकर भी गुजरेगी।
