बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट का उपचुनाव भाजपा के लिए दुःस्वप्न साबित हो रहा है। भाजपा के कई नेता कह रहे हैं कि नितिन नबीन को सीट से इस्तीफा नहीं देना चाहिए थे। गौरतलब है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के बाद वे राज्यसभा चले गए और उन्होंने बांकीपुर सीट से इस्तीफा दे दिया। इसकी वजह से वहां उपचुनाव हो रहे हैं। नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के बाद यह पहला उपचुनाव है और इसमें जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर भी मैदान में आ गए। प्रशांत किशोर ने नितिन नबीन के इस्तीफे के बाद से ही चुनाव की तैयारी शुरू कर दी थी।
अब मंगलवार, 28 फरवरी को चुनाव प्रचार बंद हुआ है तो भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों में कोई पूरे भरोसे के साथ यह कहने की स्थिति में नहीं है कि भाजपा के उम्मीदवार नीरज सिन्हा जीत रहे हैं। सोचें, अकेले प्रशांत किशोर ने बांकीपुर सीट पर समूचे एनडीए को उतार दिया। नितिन नबीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और जिस सीट से पांच बार जीते हैं वहां गली गली घूम रहे थे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अलग कार्यक्रम किए। फिर दोनों ने रोड शो किया। दिल्ली के सांसद और भोजपुरी गायक मनोज तिवारी बुलाए गए। भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह ने कार्यक्रम किया। लोक जनशक्ति पार्टी के चिराग पासवान सभा करने गए। भाजपा और जदयू की साझा सभाएं हुईं, जिनमें जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा शामिल हुए। भाजपा की ओर से जातीय सम्मेलन अलग कराए गए। नतीजा जो हो प्रशांत किशोर ने भाजपा और एनडीए के सारे नेताओं को जमीन पर ला दिया।
