Prashant Kishore

  • बांकीपुर की बात दूर तक जाएगी

    भारत में कई उपचुनाव ऐसे हुए हैं, जिनसे देश और राज्यों की राजनीति बदली है। 1974 का जबलपुर लोकसभा सीट का उपचुनाव मिसाल है। सिर्फ 25 साल के शरद यादव ने कांग्रेस के जगदीश नारायण अवस्थी को हराया था। यह सीट कांग्रेस के दिग्गज सेठ गोविंद दास के निधन से खाली हुई थी। जबलपुर उपचुनाव में कांग्रेस की हार ने आगे के राजनीतिक घटनाक्रम को प्रभावित किया, जिसकी अंत परिणति देश में इमरजेंसी और उसके बाद हुए चुनाव में इंदिरा गांधी की विदाई के रूप में हुई। आजादी के बाद पहली बार देश में गैर कांग्रेसी सरकार बनी थी। अगर...

  • बांकीपुर विधानसभा सीट से जनसुराज के प्रशांत किशोर जीते

    बिहार में सम्पन्न हुए बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल कर जनसुराज पार्टी के प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनौती को ध्वस्त करते हुए उनके चक्रव्यूह को तोड़ दिया है। श्री किशोर ने प्रतिष्ठा की इस लड़ाई में जातीय समीकरणों को तोड़ते हुए भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा को 19324 मतों से परास्त कर बिहार में बदलती हुई एक नई राजनीति के संकेत दिए। श्री किशोर को 64117 मत मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 44827 मतों से संतोष करना पड़ा। पिछले चुनाव में करीब 46 हजार मत पाने वाली राष्ट्रीय जनता दल की रेखा...

  • बांकीपुर उपचुनाव: 12वें दौर की मतगणना के बाद प्रशांत किशोर छह हजार से अधिक मतों से आगे

    बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के लिए सोमवार को मतगणना के 12वें दौर के बाद जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार नीरज कुमार पर 6,646 मतों की बढ़त बनाए हुए हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार, 31 में से 12 दौर की मतगणना पूरी होने के बाद प्रशांत किशोर को 23,756 मत मिले हैं, जबकि भाजपा के नीरज कुमार को 17,110 मत प्राप्त हुए हैं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उम्मीदवार रेखा कुमारी 48,50 मत हासिल कर तीसरे स्थान पर हैं। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव...

  • पीके से पूरा एनडीए लड़ रहा है

    बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट का उपचुनाव भाजपा के लिए दुःस्वप्न साबित हो रहा है। भाजपा के कई नेता कह रहे हैं कि नितिन नबीन को सीट से इस्तीफा नहीं देना चाहिए थे। गौरतलब है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के बाद वे राज्यसभा चले गए और उन्होंने बांकीपुर सीट से इस्तीफा दे दिया। इसकी वजह से वहां उपचुनाव हो रहे हैं। नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के बाद यह पहला उपचुनाव है और इसमें जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर भी मैदान में आ गए। प्रशांत किशोर ने नितिन नबीन के इस्तीफे के बाद से ही चुनाव...

  • नितिन नबीन की सीट पर पीके का चुनाव!

    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जिस विधानसभा सीट से पांच बार जीते थे और जहां से इस्तीफा देकर राज्यसभा गए हैं उस बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को उपचुनाव होना है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर उस सीट से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। उनकी पार्टी ने उनका नाम तय कर लिया है और रविवार, पांच जुलाई को उनके नाम की घोषणा होगी। प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने से बांकीपुर सीट सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए प्रतिष्ठा की सीट बन गई है। नितिन नबीन की प्रतिष्ठा निजी तौर पर दांव...

  • क्या पीके ने विजय को जिताया?

    यह बात पूरी तरह से तो सही नहीं है लेकिन इसमें आंशिक सचाई है कि प्रशांत किशोर ने तमिल फिल्मों के सुपर सितारे विजय की पार्टी टीवीके को जीत की राह दिखाई। 2024 में जब विजय ने पार्टी बनाई थी तभी उनकी ओर से प्रशांत किशोर को संपर्क किया गया था। उस समय वे आईपैक से अलग हो गए थे और बिहार में अपनी राजनीति कर रहे थे। इसके बावजूद प्रशांत किशोर ने विजय का प्रस्ताव स्वीकार किया। जानकार सूत्रों का कहना है कि लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन के दामाद आधव अर्जुन ने पीके से संपर्क किया था। दोनों के...

  • नीतीश के यहां वापसी चाहते हैं पीके, आरसीपी

    बिहार में कई बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की आहट सुनाई दे रही है। एक तरफ इस बात की चर्चा तेज है कि नीतीश कुमार ने इतनी ठंड में समृद्धि यात्रा सिर्फ भाजपा को यह दिखाने के लिए निकाली कि वे पूरी तरह से फिट हैं। तो दूसरी ओर नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना कर भाजपा ने अपने बिहार प्लान की रूपरेखा जाहिर की है। भाजपा को इसी विधानसभा में अपना मुख्यमंत्री बनाना है। सवाल सिर्फ टाइमिंग का है। भाजपा की योजना के मुताबिक अगर वह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में किसी तरह से जीत जाती है तो उसके बाद बिहार...

  • पीके का तमिलनाडु अभियान शुरू

    प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी बुरी तरह से बिहार विधानसभा का चुनाव हारी है। उसे ए भी सीट नहीं मिली और सिर्फ साढ़े तीन फीसदी वोट मिले हैं। दो तीन को छोड़ कर लगभग सभी की जमानत जब्त हो गई। उसके बाद प्रशांत किशोर ने भितिहरवा के गांधी आश्रम में एक दिन का उपवास किया और लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया। अब कहा जा रहा है कि वे एक बार फिर चुनाव प्रबंधन वाले काम में सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने तमिलनाडु में फिल्म स्टार विजय के लिए प्रचार अभियान शुरू किया है। गौरतलब है कि बिहार में...

  • पीके से इतने सवाल पूछने का क्या मतलब?

    प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अभी दूसरी हारी हुई पार्टियां अपने जख्म सहला रही हैं लेकिन सबसे बुरी तरह हारी जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर फिर अपनी पूरी टीम के साथ मीडिया के सामने आए और सभी सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कुछ बातों पर माफी मांगी और बिहार की राजनीति में डटे रहने का ऐलान किया। उनसे सबसे ज्यादा सवाल यह पूछा गया कि उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार को 25 से ज्यादा सीटें आएंगी तो वे राजनीति छोड़ देंगे और अगर जन सुराज पार्टी को साधारण बहुमत जितनी सीटें आती हैं तो वे इसको...

  • शत्रुघ्न सिन्हा आगे क्या करेंगे?

    पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने एक सीट छोड़ कर बिहार की किसी सीट पर प्रचार नहीं किया। एक सीट पर भी उन्होंने पार्टी से ज्यादा उम्मीदवार का प्रचार किया। उन्होंने पटना की कुम्हरार सीट के उम्मीदवार केसी सिन्हा को वोट देने की अपील की थी। गौरतलब है कि केसी सिन्हा शिक्षक रहे हैं और उनकी गणित की किताबें बिहार में कई पीढ़ियों ने पढ़ा है। वे कायस्थ जाति से आते हैं। तीसरी बात यह है कि वे जन सुराज पार्टी से चुनाव लड़ रहे थे। ध्यान रहे जन सुराज के संस्थापक प्रशांत...

  • प्रशांत किशोर की राजनीति का क्या होगा?

    वैसे तो प्रशांत किशोर ने कहा है कि वे बिहार की राजनीति में टिकेंगे। उन्होंने कुछ दिन पहले कहा था कि वे कोई भी काम 10 साल तक जरूर करते हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ में नौकरी की तो 10 साल तक किया। इसके बाद चुनाव प्रबंधन की कंपनी बना कर वह काम किया तो वह भी 10 साल करने के बाद छोड़ा और अब 2022 में राजनीति में आए हैं तो कम से कम 10 साल जरूर लगाएंगे। इसका मतलब है कि वे 2032 तक राजनीति में सक्रिय रहने वाले हैं, ऐसा उन्होंने खुद संकेत दिया है। लेकिन सवाल है...

  • बिहार कल क्या कहेगा?

    प्रशांत किशोर का दावा सही हुआ, तो अन्य राज्यों में भी राजनीति के नए उद्यमी प्रोत्साहित होंगे। उससे अभी जारी सियासी एकरसता टूटेगी। मगर एनडीए जीता, तो नकदी ट्रांसफर कर वोट “खरीदने” की कायम हो चुकी परिपाटी और आगे बढ़ेगी। बिहार विधानसभा के चुनाव में मतदान का रिकॉर्ड बना। वहां 66.91 प्रतिशत मतदान होना अपने-आप में उल्लेखनीय आंकड़ा है, जबकि यह तथ्य इसे और भी महत्त्वपूर्ण बना देता है कि महिलाओं का मतदान प्रतिशत 71.6 फीसदी रहा। यह वोट डालने आए पुरुषों की संख्या (62.8 प्रतिशत) से लगभग दस फीसदी ज्यादा है। ऐसे असामान्य मतदान पैटर्न ने चुनाव नतीजों को...

  • पीके ने भी मैदान छोड़ दिया

    एक तरफ राष्ट्रीय जनता दल के अदृश्य दबाव में सरेंडर करने की खबर है तो दूसरी ओर प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी के भी मैदान छोड़ देने की चर्चा है। पिछले 10 दिन से प्रशांत किशोर लगभग पूरी तरह से मैदान से बाहर हैं। सोशल मीडिया पर उनका अभियान कमजोर हो गया है। पहले हजारों की संख्या में एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम हैंडल से पीके  की बातों को प्रचारित किया जाता था। कई तटस्थ दिखने वाले हैंडल से प्रशांत किशोर के बारे में प्रोपेगेंडा चलता रहता था। वे खुद हर दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस करते थे और विपक्षी पार्टियों पर निशाना...

  • पीके ने पहले ही मुस्लिम उतार दिए

    प्रशांत किशोर ने वादे के मुताबिक नौ अक्टूबर को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। उन्होंने कहा था कि वे दूसरी सभी पार्टियों से पहले उम्मीदवार घोषित करेंगे, वह वादा उन्होंने पूरा कर दिया। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह वादा भी किया था कि वे मुस्लिम उम्मीदवार वही उतारेंगे, जहां राष्ट्रीय जनता दल का मुस्लिम उम्मीदवार नहीं होगा। असल में उनके ऊपर भाजपा की बी टीम होने का आरोप लग रहा था। कहा जा रहा था कि वे राजद का मुस्लिम वोट काटने की राजनीति कर रहे हैं। इससे बचने के लिए उन्होंने कहा कि वे राजद...

  • बिहार में एनडीए में छिड़ा घमासान

    बिहार में इन दिनों सभी पार्टियों की राजनीति प्रशांत किशोर तय कर रहे हैं। उनके बयानों से पार्टियों की लाइन तय हो रही है और सारी पार्टियां इस इंतजार में हैं कि प्रशांत किशोर कब अपने उम्मीदवारों की घोषणा करते हैं क्योंकि सभी पार्टियों के उम्मीदवार उनके प्रत्याशी के हिसाब से तय होंगे। प्रशांत किशोर के बयान से अभी सबसे ज्यादा घमासान एनडीए के अंदर मचा है। प्रशांत ने भाजपा और जनता दल यू दोनों के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि उनके कई आरोप राजनीतिक प्रकृति के हैं लेकिन कई भ्रष्टाचार के आरोप हैं। इन आरोपों को लेकर...

  • भाजपा पर हमले से क्या बदलेगी पीके की छवि

    बिहार में जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर के निशाने पर अब भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं। उनका पहला निशाना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं और उसके बाद भाजपा के नेता हैं। पहले वे राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं पर ज्यादा हमले करते थे। लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव उनके पसंदीदा टारगेट थे। उन्होंने  तेजस्वी के लिए नौवीं फेल का जुमला ऐसा स्थापित किया कि लोगों की जुबान पर चढ़ गया। लेकिन अब वे राजद पर कम हमला कर रहे हैं। कांग्रेस पर तो कभी हमला करते ही नहीं हैं और कम्युनिस्ट पार्टियों के खिलाफ बोलने के लिए कुछ...

  • प्रशांत किशोर क्या चिराग की पोल खोलेंगे?

    यह लाख टके का सवाल है कि क्या चिराग पासवान की गाहे बगाहे तारीफ करने वाले प्रशांत किशोर अब उनकी पोल खोलेंगे? जनता दल यू के नेता और बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने एक बयान को लेकर प्रशांत किशोर के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। असल में प्रशांत किशोर ने एक कार्यक्रम में कह दिया कि अशोक चौधरी ने टिकट खरीद कर अपनी बेटी को सांसद बनाया है। गौरतलब है कि अशोक चौधरी खुद जनता दल यू में हैं लेकिन उनकी बेटी चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ कर जीती हैं।...

  • आरसीपी के आने से पीके को ताकत?

    बिहार में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ है। किसी समय नीतीश कुमार के नंबर दो रहे जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और नरेंद्र मोदी सरकार में स्टील मंत्री रहे रामचंद्र प्रसाद सिंह उर्फ आरसीपी सिंह ने अपनी पार्टी का विलय जनसुराज पार्टी में कर दिया है। वे पूरी पार्टी के साथ प्रशांत किशोर की पार्टी में शामिल हो गए हैं। यह हाल के दिनों का सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम है। आरसीपी सिंह अपनी पार्टी बना कर या उससे पहले थोड़े समय भाजपा से जुड़ कर ज्यादा प्रभावी राजनीति नहीं कर पाए थे लेकिन उनके प्रशांत किशोर के साथ जुड़ने से बिहार...

  • प्रशांत किशोर को बड़बोलेपन का नुकसान

    जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर की पटना गांधी मैदान में बुलाई रैली बुरी तरह से फ्लॉप हो गई। उन्होंने पांच लाख लोग लाकर गांधी मैदान भर देने का दावा किया था लेकिन 50 हजार लोग भी नहीं पहुंचे। खुद प्रशांत किशोर दिन भर भागदौड़ करते रहे। यह आरोप लगाते रहे कि उनके समर्थकों की गाड़ियों को पटना के बाहर रोका जा रहा है। वे खुद गंगा के किनारे लगा कथित जाम छुड़ाने पहुंच गए थे और दो बजे की रैली में सात बजे के बाद पहुंचे। इस रैली का इतना मुद्दा नहीं बनता अगर उन्होंने पटना सहित पूरे...

  • तमिल सुपरस्टार विजय और पीके क्या करेंगे?

    india election 2025 : तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी अन्ना डीएमके और भाजपा में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए तालमेल की बात शुरू होने के साथ ही यह सवाल उठने लगा है कि अब तमिल सुपरस्टार विजय का क्या होगा? इसी के साथ यह भी सवाल है कि सुपरस्टार चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर यानी पीके क्या करेंगे? पीके ने तमिलनाडु में विजय को चुनाव लड़ाने का जिम्मा उठाया है। (india election 2025) पिछले महीने महाशिवरात्रि के दिन विजय की पार्टी टीवीके के एक साल पूरे होने के मौके पर हुए कार्यक्रम में प्रशांत किशोर ने कहा कि...

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