Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

ओएसएम की गड़ब़ड़ियां अनंत हैं

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा में ऑन स्क्रीन मार्किंग यानी ओएसएम की व्यवस्था क्यों अपनाई यह एक अनसुलझी पहेली है। पहले व्यापक रूप से न तो पायलट प्रोजेक्ट हुआ और न ड्राई रन चला, शिक्षक तैयार नहीं थे लेकिन अचानक परिक्षा से 12 दिन पहले उनको कहा गया कि ओएसएम होगा। इस ओएसएम की प्रक्रिया में अनंत खामियां हैं। झारखंड के छात्र सार्थक सिद्धांत ने जो कमियां बताई हैं उनका जवाब देना सीबीएसई और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भारी पड़ रहा है। इस बीच कई और खामियां सामने आ गई हैं। इसके टेंडर में अनेक कमियां सार्थक ने निकाली हैं। पहले टेंडर की शर्त थी कि कंपनी कभी भी ब्लैकलिस्ट नहीं हुई हो लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया कि कंपनी अभी ब्लैकलिस्ट नहीं हो। यह शर्त बदलने से ही कोएम्प्ट को मौका मिला क्योंकि कंपनी पहले तेलंगाना में ब्लैकलिस्ट हो चुकी थी। इसी तरह टर्नओवर से लेकर योग्यता की कई शर्तें बदली गईं। कंपनी के बोर्ड में या इसकी पैरेंट कंपनी के बोर्ड में जिन लोगों के नाम आ रहे हैं उनके संबंध भाजपा नेताओं के साथ बताए जा रहे हैं।

यह भी बताया जा रहा है कि स्कैनिंग को लेकर भी बदलाव किया गया। स्कैनिंग पहले तीन सौ डीपीआई पर होनी थी, जिसे बदल कर दो सौ डीपीआई किया गया यानी स्कैनिंग की क्वालिटी से समझौता किया है। ध्यान रहे कई छात्रों ने इस बात की शिकायत की है कि उनकी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी बहुत धुंधली हैं। धुंधली कॉपी पर ही शिक्षकों ने मार्किंग कर दी थी। इतना ही नहीं अब यह खुलासा हो रहा है कि कई जगह प्रशिक्षित लोगों ने स्कैन नहीं किया। कई जगह के बारे में खबर आ रही है कि स्कैनर ही नहीं थे, बल्कि मोबाइल से स्कैन किया गया। यह भी कहा जा रहा है कि कई सेंटर्स पर प्रकाश की व्यवस्था अच्छी नहीं थी और कम लाइट में जैसे तैसे स्कैनिंग का काम किया गया। सोचें, 40 करोड़ पन्ने स्कैन करने थे, जिसके लिए इस कंपनी को चुना गया था। उसने जैसे तैसे स्कैनिंग कराई। यही कारण है कि बच्चों की कॉपी बदल गई या एक कॉपी के कई पन्ने छूट गए। अनेक कॉपी में एक ही पन्ने कई बार अपलोड हो गए हैं। यह पूरा काम बेहद तदर्थ तरीके से किया गया है। पता नहीं इनमें से कितने आरोप सही हैं। जब तक ईमानदारी और गहराई से इसकी जांच नहीं होगी तब तक सचाई सामने नहीं आ पाएगी।

Exit mobile version