भाजपा की सहयोगी पार्टियों में नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यू और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी दो ही ऐसी पार्टियां है, जो गठबंधन में दो से ज्यादा राज्यों में भाजपा के साथ सीटों की साझेदारी करती हैं। भले सीटों की संख्या प्रतीकात्मक है लेकिन यह बड़ी बात है। भाजपा ने जदयू और लोजपा दोनों को झारखंड में एक एक सीट दी थी और दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी दोनों पार्टियों को एक एक सीट दी गई थी। झारखंड में जदयू और लोजपा दोनों के एक एक विधायक जीते हैं। दिल्ली में दोनों चुनाव हार गए। अब उत्तर प्रदेश में चिराग पासवान की पार्टी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। एक समय जदयू भी यूपी में लड़ने की तैयारी करती थी। पिछले चुनाव में तो नीतीश कुमार के ही वहां से लोकसभा चुनाव लड़ने की बात हो रही थी। लेकिन अब जदयू ने बिहार से बाहर की राजनीति लगभग बंद कर दी है।
बहरहाल, जानकार सूत्रों का कहना है कि चिराग पासवान ने अपनी पार्टी के नेताओं को उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारी करने को कहा है। ध्यान रहे यूपी में अगले साल फरवरी में चुनाव होना है और उससे पहले करीब 20 फीसदी दलित वोट की खींचतान शुरू हो गई है। मायावती की बसपा के साथ साथ चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी दलित वोट की बड़ी दावेदार है। दोनों नेता जाटव समाज के हैं। गैर जाटव दलित राजनीति करने वाली पार्टी वहां नहीं है। सपा और भाजपा दोनों को लग रहा है कि यह वोट उसको मिल सकता है। इस बीच चिराग पासवान का वहां चुनाव लड़ने का ऐलान करना एक बड़ा घटनाक्रम है। देखना होगा कि दिल्ली और झारखंड की तरह भाजपा उनको वहां एडजस्ट करती है या नहीं।
