पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में तो कांग्रेस पार्टी ने मौका गंवा दिया। तभी कॉकरोच जनता पार्टी को इस पर राजनीति करने का मौका मिला और आज शिक्षा के मामले में ऐसा लगता जैसे सीजेपी ने पट्टा लिखा लिया है। इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के मामले में भी कांग्रेस ने मौका गंवाया। उसका इस्तेमाल आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने किया। उन्होंने दिल्ली में टाउन हॉल कार्यक्रम किया और सरकार के ऊपर नीतिगत परिवर्तन के लिए दबाव बनाया। शिक्षा और ई 20 दोनों के मामले में सरकार झुकी है। राज्यों में शिक्षा को लेकर बड़े फैसले हो रहे हैं और सरकार ने पेट्रोल में 10 फीसदी इथेऩॉल मिश्रण की नीति पर विचार शुरू कर दिया है। पहले सरकार इसके लिए मना कर रही थी लेकिन अब खबर है कि सरकार ई 20 के साथ साथ ई 10 का विकल्प भी पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध कराएगी। इन दोनों मामलों में कांग्रेस ने राजनीति की लेकिन पीछे रही, सीजेपी और आप आगे रहे।
तभी अब कांग्रेस पार्टी यूपीआई पर शुल्क लगाने के सरकार के फैसले पर राजनीति में पिछड़ना नहीं चाहती है। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने पहले दिन से इस मुद्दे को पकड़ा है और जानकार सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस इस पर निर्णायक लड़ाई की तैयारी कर रही है। कांग्रेस के एक जानकार नेता ने कहा कि राहुल गांधी इस लड़ाई का नेतृत्व करेंगे और कांग्रेस इसके रोलबैक तक आंदोलन करेगी। यानी सरकार के ऊपर दबाव बनाया जाएगा कि वह यूपीआई पर शुल्क लगाने का फैसला वापस ले। हालांकि सरकार इस मूड में नहीं दिख रही है क्योंकि इसके कई और पहलू है। लेकिन कांग्रेस इसके लिए दिल्ली को केंद्र बना कर पूरे देश में आंदोलन करेगी। कहा जा रहा है कि आंदोलन और प्रदर्शन के जितने भी तरीके होते हैं, सबका इस्तेमाल किया जाएगा। यानी जरुरत पड़ी तो कांग्रेस के नेता भूख हड़ताल पर भी बैठेंगे। हालांकि यह पता नहीं है कि राहुल गांधी भूख हड़ताल करेंगे या कोई दूसरा नेता करेगा।
बहरहाल, कांग्रेस को फीडबैक है कि शहरों से ज्यादा गांवों में इस फैसले का विरोध हो रहा है। कांग्रेस नेता यह भी कह रहे हैं कि भाजपा और केंद्र सरकार इस मामले में लोगों को समझा नहीं पा रहे हैं। रिजर्व बैंक से लेकर नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी एपीसीआई की ओर से जो सफाई जारी की गई है उसे लोग समझ नहीं रहे हैं। सरकार की ओर से 42 प्वाइंट का एक स्पष्टीकरण जारी किया गया है वह अंग्रेजी में है और बहुत तकनीकी शब्दावली में है। दूसरी ओर कांग्रेस के साथ साथ कुछ स्वतंत्र जानकार इसके बारे में लोगों को समझा रहे हैं कि अभी सिर्फ दो हजार से ऊपर के लेनदेन पर शुल्क लग रहा है, लेकिन जल्दी ही इससे कम पर भी शुल्क लगने लगेगा। भारत पे नाम से डिजिटल लेनदेन का एप बनाने वाले अशनीर ग्रोवर ने मीडिया और सोशल मीडिया में मोर्चा संभाला है। वे लोगों को इसके हर पहलू के बारे में समझा रहे हैं और बता रहे हैं कि सरकार पहले से इस सेवा से मुनाफा कमा रही है। फिर भी उसने ज्यादा कमाई के लिए टैक्स लगाया है। सरकार के पास ऐसा कोई स्वतंत्र जानकार नहीं है, जो इसके फायदे समझाए। शुल्क लगाने की शुरुआत 15 अक्टूबर से होगी, उस समय नवरात्रि चल रही होगी। नवरात्रि का पांचवां दिन होगा और उसी दिन से लोग खरीदारी शुरू करते हैं। पता नहीं सरकार में किसी ने इस पर विचार किया या नहीं। लेकिन हकीकत यह है कि सरकार बैकफुट पर है और कांग्रेस को उसे घेरने का मौका मिल गया है।
