भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम में कई राज्यसभा के दावेदार हैं। उनको संगठन में पद मिलते ही इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि इस साल के अंत तक उनको राज्यसभा भेज दिया जाएगा। नई टीम में महामंत्री के रूप में शामिल किए गए कम से कम दो नेताओं के बारे में तो पक्के तौर पर कहा जा रहा है कि उनको राज्यसभा भेजा जाएगा। गौरतलब है कि इस साल दो चरणों में राज्यसभा के दोवार्षिक चुनाव हो चुके हैं। पहले अप्रैल में और फिर जून में चुनाव हुए। तीसरे चरण में उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक सीट का चुनाव होने वाला है। उत्तर प्रदेश में जिन 10 सीटों पर चुनाव है उनमें से आठ सीटें भाजपा को मिलेंगी और दो सीट समाजवादी पार्टी के खाते में जाएंगी। सपा के खाते की दो में से एक सीट पर फिर से रामगोपाल यादव का जाना तय है। इस बार सपा पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक में से किसी को दूसरी सीट पर भेजेगी।
भाजपा के कोटे की आठ सीटों में से सभी आठ भाजपा अपने ही पास रखेगी। किसी सहयोगी पार्टी को सीट मिलने की संभावना नहीं के बराबर है। बताया जा रहा है कि नितिन नबीन की टीम के दो सदस्यों स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी को राज्यसभा भेजा जाएगा। दोनों को महामंत्री बनाया गया तो उनको उत्तर प्रदेश का ही बताया गया है। हालांकि स्मृति ईरानी दिल्ली की रहने वाली हैं लेकिन तीन बार उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट से चुनाव लड़ा है इसलिए उनको उत्तर प्रदेश का माना गया है। जैसे तीन बार वाराणसी से लड़ने के बाद नरेंद्र मोदी भी उत्तर प्रदेश के माने जाएंगे। यह अलग बात है कि गुजरात ही उनका गृह प्रदेश माना जाता है। बहरहाल, स्मृति ईरानी तीन बार अमेठी से लड़ीं, जिसमें से दो बार हारीं और एक बार उन्होंने राहुल गांधी को हराया। इस बार उनको उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा है। वे वैसे भी ज्यादातर समय राज्यसभा में ही रही हैं। लोकसभा का चुनाव वे चांदनी चौक से भी हार गई थीं।
हरीश द्विवेदी उत्तर प्रदेश की बस्ती सीट से पहले लोकसभा का चुनाव जीते हैं लेकिन इस बार वे चुनाव हार गए। उनको भी राज्यसभा भेजा जा सकता है। बताया जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व को उनके ऊपर बहुत भरोसा है। तभी महामंत्री बनाए जाने से पहले ही उनको राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों का प्रभारी बनाया गया। गौरतलब है कि नितिन नबीन की नई टीम में ज्यादातर महामंत्री सांसद हैं। विनोद तावड़े को हाल ही में राज्यसभा भेजा गया तो बिप्लब देव त्रिपुरा की एक सीट से लोकसभा सांसद हैं। सतीश पुनिया, गजेंद्र पटेल और संजय भाटिया तीनों भी संसद सदस्य हैं। मौजूदा सीट में सुनील बंसल, स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी ही ऐसे महामंत्री हैं, जो सांसद नहीं हैं। इनमें से दो को इस साल नवंबर में महामंत्री बनाया जा सकता है। दोनों में से अगर एक को मौका मिलता है तो वह हरीश द्विवेदी होंगे।
