लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार, छह अक्टूबर को बड़ा प्रदर्शन किया। करीब 12 घंटे के इस प्रदर्शन के दौरान वे आठ घंटे तक ‘सत्याग्रह’ पर भी बैठे, दो घंटे तक हिरासत में रहे और दो घंटे तक सड़क पर खूब ऑप्टिक्स भी बनवाए। वे पुलिस के लगाए बैरिकेड्स के ऊपर चढ़ गए है, जिसकी वीडियो और तस्वीरें खूब वायरल हुई हैं। उनके प्रदर्शन का यह असर रहा कि मंगलवार को भाजपा को चार बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी। भाजपा के अलग अलग प्रवक्ताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चुनाव आयोग का बचाव किया।
इस पूरे प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया में सक्रिय भाजपा के इकोसिस्टम के लोगों को जब कोई और मुद्दा नहीं मिला तो उन्होंने राहुल गांधी के ‘खान चचा’ दुकान से मंगा कर रॉल खाने को मुद्दा बनाया। यह माना गया कि दुकान का मुस्लिम नाम है तो इससे एक नैरेटिव बनेगा। हालांकि दुकान एक हिंदू कारोबारी की ही है। हो सकता है कि रील वायरल करने वाले भी इस बात को जानते हों। उन्होंने नैरेटिव बनाने के लिए यह भी प्रचार किया कि राहुल चिकन रॉल खा रहे थे। तस्वीर जूम करके लाल निशान दिखाया जा रहा था। किसी को इस बात पर आपत्ति थी कि राहुल मंगलवार को नॉनवेज खा रहे थे तो किसी को इस पर परेशानी थी कि पितृपक्ष का समय चल रहा है और राहल नॉनवेज खा रहे थे। सोचें, कितने बड़े आरोपों को लेकर प्रदर्शन हो रहा था और भाजपा का इकोसिस्टम उसके किस स्तर पर ला रहा है!
