भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा के एक बयान को बड़ा मुद्दा बनाया था, जो उन्होंने कांग्रेस के पूर्व सासंद सज्जन कुमार के निधन पर दिया था। दीपेंद्र ने सज्जन कुमार के निधन को अपूरणीय क्षति करार दिया था। इसके बाद भाजपा उनके ऊपर हमलावर थी और अकाली दल ने तो मोर्चा ही खोला था। लेकिन अब वह मामला दब गया है क्योंकि दिल्ली के तीन भाजपा सांसद उनसे आगे बढ़ कर सज्जन कुमार की शोक सभा में चले गए। दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह विधूड़ी, कमलजीत सहरावत और योगेंद्र चंदोलिया तीनों सज्जन कुमार की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए।
गौरतलब है सज्जन कुमार दिल्ली के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में सजा पा चुके हैं और अन्य मामलों में आरोपी हैं। तभी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने तीनों नेताओं को डांट लगाई। लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। तीनों को पता है कि दिल्ली में उनकी राजनीति के लिए जाट वोट का कितना महत्व है। वैसे भी भाजपा के लिए भी यह राजनीति अनुकूल लगती है क्योंकि अभी उत्तर प्रदेश में चुनाव है, जहां जाट उनको वोट करते हैं। पंजाब में सिख वोट का कुछ नुकसान हो सकता है लेकिन वैसे भी पंजाब के सिख भाजपा को वोट नहीं करते हैं। सो, भले भाजपा का शीर्ष नेतृत्व अपने सांसदों को फटकार लगा रहा है लेकिन असल में उनके सज्जन कुमार के यहां उनके जाने से जाटों का सद्भाव भाजपा के प्रति बढ़ेगा।
