विजयादशमी के दिन यानी मंगलवार, 20 अक्टूबर को सोशल मीडिया में दो ही तस्वीरों की चर्चा होती रही। एक तस्वीर उत्तर पश्चिमी दिल्ली के केशवपुरम इलाके में 30 फीट ऊंचे कॉकरोच का पुतला जलाने की थी और दूसरी तस्वीर हरियाणा के पंचकूला के 221 फीट ऊंचे पुतले की थी। रावण का पुतला दहन और विजयादशमी की बधाइयों के बीच इन दोनों पुतलों को लेकर हंसी मजाक का दौर चलता रहा और साथ ही शिकायतों का भी दौर चलता रहा। आम आदमी पार्टी ने केशवपुरम में कॉकरोच का पुतला जलाए जाने की शिकायत की है। उन्होंने कहा है कि यह ‘जेन जी’ का अपमान है। यह भी बड़ी हैरानी की बात है कि ‘जेन जी’ की राजनीति करने वाले कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
गौरतलब है कि मॉडल टाउन के भाजपा विधायक अशोक गोयल देवराहा ने यह पुतला बनवाया था और दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने पुतला जलाया। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इसकी शिकायत दर्ज कराई है। दूसरा मामला हरियाणा के पंचकूला है। वहां 221 फीट का रावण का जो पुतला बनाया गया था उसकी शक्ल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलती जुलती थी। कई न्यूज एजेंसियों ने यह तस्वीर और इसकी वीडियो जारी की। कांग्रेस इकोसिस्टम के लोगों ने इस तस्वीर को वायरल कराया। इतना ही नहीं पूरे दिन इस तस्वीर की वीडियो को डिलीट करने की भी मांग होती रही। आरोप लगाया जा रहा है कि कांग्रेस के लोगों ने यह काम किया है। हालांकि किसी के खिलाफ कार्रवाई की कोई खबर नहीं है। ये दोनों घटनाएं एक परंपरा की शुरुआत है। आने वाले दिनों में अगर इसी तरह विजयादशमी के दिन पार्टियों और नेताओं की शक्ल वाले पुतले जलाए जाने लगें तो बहुत हैरानी नहीं होगी।
