कैबिनेट की बैठकों के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के मंत्री भी उनसे उतना नहीं मिलते हैं, जितना महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मिलते हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों के अलावा व्यक्तिगत रूप से भी शिंदे अक्सर प्रधानमंत्री से मिलते रहते हैं। पिछले तीन महीने में कम से कम दो बार दिल्ली में वे प्रधानमंत्री मोदी से मिले हैं। दोनों मुलाकातें एक एक घंटे की रहीं। अभी छह अक्टूबर को वे मोदी से मिले। इससे पहले सात अगस्त को भी उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री से हुई थी। छह अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के एक दिन बात सात अक्टूबर को देश के सभी प्रमुख अखबारों में शिंदे और उनकी पार्टी की ओर से पहले पन्ने पर पूरे पेज का विज्ञापन छपवाया गया।
शिंदे और उनकी पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे करने के मौके पर विज्ञापन छपवाया। इससे पहले 17 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर भी शिंदे ने पूरे पन्ने का विज्ञापन छपवाया था। यह बड़ी हैरानी की बात है और खुद शिंदे की पार्टी के नेता भी हैरानी जाहिर करते हैं कि शिंदे यह उम्मीद कर रहे हैं कि मोदी उनको महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनवा देंगे। यह भी कहा जा रहा है कि वे वे अभी तक इस सदमे से उबरे नहीं हैं कि माझी लड़की बहिन योजना चला कर उन्होंने एनडीए सरकार की वापसी सुनिश्चित की थी और फिर भी मुख्यमंत्री नहीं बन सके।
