केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल से पहले राजभवनों में, जिनको आजकल लोकभवन कहा जाने लगा है, बदलाव की चर्चा है। इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश से हो सकती है। उत्तर प्रदेश में पिछले छह साल से आनंदी बेन पटेल राज्यपाल हैं। चुनाव से पहले उनको हटाए जाने की खबर आ रही है। इस बीच वे 10 दिन की लंबी छुट्टी पर चली गई हैं। कई जानकार यह भी कह रहे हैं कि वे अब शायद ही लोकभवन में लौटें। हालांकि उनके बारे में कोई पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकता है। मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी उनको समाप्त मान लिया गया था।
बहरहाल, पिछले दिनों उन्होंने योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर में जाकर वहां की जैसी दुर्दशा बताई थी उससे भी अंदाजा लग रहा था कि उनके दिन यूपी में पूरे हो गए हैं। कहा जा रहा है कि भाजपा के किसी ब्राह्मण नेता को उत्तर प्रदेश का राज्यपाल बनाया जा सकता है। कर्नाटक में भी राज्यपाल थावरचंद गहलोत को बदले जाने की चर्चा है। वहां विधानसभा चुनाव में दो साल से कम समय रह गया है। किसी तेजतर्रार नेता को राज्यपाल बना कर भेजे जाने की खबर है। इसके अलावा तमिलनाडु में भी नया राज्यपाल भेजे जाने की चर्चा है। आरएन रवि को वहां से कोलकाता भेजे जाने के बाद केरलम के राज्यपाल तमिलनाडु का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। मध्य प्रदेश में भी नया राज्यपाल भेजे जाने की चर्चा है। जानकार सूत्रों का कहना है कि भाजपा के संसदीय बोर्ड में बदलाव होने वाला है उसके दो या तीन सदस्य राज्यपाल बनाए जाएंगे।
