दिल्ली में जंतर मंतर पर धरने और प्रदर्शन के बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि अब किसकी बारी होगी। पहले ऐसा लग रहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी के नेता बिहार जाएंगे क्योंकि अभिजीत दिपके ने कह दिया था कि वे दो दिन में बिहार पहुंचेंगे। कुछ लोग मांग कर रहे थे कि दिपके और सीजेपी को पंजाब में प्रदर्शन करना चाहिए क्योंकि वहां भी पेपर लीक हुआ है। हालांकि सीजेपी के लोग पंजाब भी नहीं गए। यह भी चर्चा थी कि दिपके महाराष्ट्र के हैं और वहां भी शिक्षक पात्रता परीक्षा का पेपर लीक हुआ है तो वे वहां प्रदर्शन करेंगे। लेकिन वहां भी प्रदर्शन नहीं हुआ है।
सारे अनुमानों से उलट जंतर मंतर के बाद झारखंड नया केंद्र बन गया है। झारखंड में जेपीएससी की परीक्षा के नतीजों में गड़बड़ी के बाद छात्रों का प्रदर्शन चल रहा है। झारखंड में मामला सिर्फ पेपर लीक का नहीं है, बल्कि परीक्षा केंद्र मैनेज करने और ओएमआर शीट में गड़बड़ी करने, उत्तर पुस्तिका बदलने आदि का भी है। इस मामले में जेपीएससी के चेयरमैन रहे एल ख्यांगते को इस्तीफा देना पड़ा है। उनसे कई बार पूछताछ की गई है। छात्रों ने अब छह अगस्त को विधानसभा की ओर मार्च का ऐलान किया है। मानसून सत्र के दौरान छात्रों के इस मार्च के ऐलान से सरकार परेशान है। छात्रों का यह आंदोलन अभी तक स्वंयस्फूर्त दिख रहा है। तभी सरकार के लिए ज्यादा चिंता की बात है। अगर भाजपा या दूसरी कोई पार्टी आंदोलन का नेतृत्व कर रही होती तो सरकार को ज्यादा चिंता नहीं होती।
