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भाजपा क्या सचमुच सब बदलने जा रही है?

New Delhi, Mar 18 (ANI): Prime Minister Narendra Modi, Home Minister Amit Shah, BJP National President Nitin Nabin, Maharashtra CM Devendra Fadnavis, West Bengal Assembly LoP Suvendu Adhikari and others at the Central Election Committee meeting of the BJP for West Bengal at the BJP headquarters, in New Delhi on Wednesday. (ANI Video Grab)

भाजपा और केंद्र सरकार में न बदलाव हो रहे हैं और न बदलावों की चर्चा थम रही है। ऐसा भी नहीं है कि पत्रकार खुद से अटकलें लगा रहे हैं। विधिवत तरीके से भाजपा की ओर से खबरें दी जा रही हैं, जिन्हें सूत्रों के हवाले से चलाया जा रहा है। हालांकि किसी को पता नहीं है कि असल में क्या होगा। वैसे भी भाजपा में पिछले कई सालों से यह ट्रेंड देखने को मिला है कि मीडिया में सूत्रों के हवाले से जो खबरें आती हैं वो सही नहीं साबित होती हैं। इसका अर्थ है कि गलत खबर फीड की जाती है। बहरहाल, नरेंद्र मोदी सरकार में बदलाव की चर्चा जिस दिन सरकार बनी उसी दिन से चल रही है। पिछले छह महीने से तो दिन गिने जा रहे हैं। बिहार चुनाव के बाद बदलाव होने की खबर थी, जो बढ़ कर सरकार के दो साल पूरे होने तक चली गई। फिर अधिमास खत्म होने के बाद बदलाव की चर्चा थी और उसकी भी डेडलाइन निकल गई। इसी तरह से नितिन नबीन की टीम में बदलाव की चर्चा जनवरी से चल रही है। कहा जा रहा है कि वे ज्यादा समय नहीं लेंगे और जल्दी ही टीम की घोषणा हो जाएगी। लेकिन उसकी घोषणा भी नहीं हो पा रही है।

इतना सब होने के बावजूद बदलाव की खबर देने वालों ने हिम्मत नहीं हारी है। अब कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ऊपर से नीचे तक सब बदलने की तैयारी कर रहे हैं और इसलिए समय लग रहा है। ऊपर से नीचे तक सब बदलने में यह खबर है कि बड़ी संख्या में मंत्री हटाए जाएंगे। युवा मंत्रियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। कहा जा रहा है कि 75 साल की उम्र सीमा वाले मंत्री हटा दिए जाएंगे। हटाए गए कुछ मंत्रियों को संगठन में जगह देने की चर्चा है तो कुछ लोगों के बारे में कहा जा रहा है कि उनको राज्यपाल बनाया जा सकता है। तभी बड़ी संख्या में राज्यपाल बदले जाने की भी चर्चा है। हालांकि इस साल मार्च में ही बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली में राज्यपाल और उप राज्यपाल बदले गए हैं।

एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत के आधार पर यूपी के अध्यक्ष बनाए गए पंकज चौधरी और दिल्ली के अध्यक्ष बनाए गए हर्ष मल्होत्रा का सरकार से इस्तीफा होगा। राज्यसभा की टिकट से वंचित किए गए रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन का भी इस्तीफा होगा। इस तरह चार मंत्री पद तो ये हैं। इनके अलावा परफॉरमेंस के आधार पर एक दर्जन मंत्रियों की विदाई तय बताई जा रही है। अगर अफवाहों की बात करें तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे दो वरिष्ठ मंत्रियों की विदाई हो सकती है। यह भी चर्चा है कि वित्त मंत्री को नया शिक्षा मंत्री बनाया जाएगा। नितिन नबीन की टीम के तरूण चुघ को राज्यसभा भेजे जाने के बाद मंत्री बनाए जाने की चर्चा है क्योंकि पंजाब में चुनाव है। ऐसे ही यूपी के सुधांशु त्रिवेदी और हरीश द्विवेदी के साथ साथ संजीव बालियान का नाम भी है तो छत्तीसगढ़ से विजय बघेल के साथ रूप कुमारी चौधरी की चर्चा है। दिल्ली से कमलजीत सहरावत व बांसुरी स्वराज का नाम है तो आम आदमी पार्टी छोड़ कर भाजपा में आए नेताओं में से भी किसी को मंत्री बनाए जाने की खबर है। बिहार के कुछ मंत्रियों की विदाई की संभावना है तो कहा जा रहा है कि दक्षिण भारत के एक मंत्री को प्रदेश की जिम्मेदारी देकर भेजा जा सकता है। जहां तक संगठन की बात है तो बीएल संतोष, शिव प्रकाश और सुनील बंसल के अपने पद पर रहने की संभावना है। इनके अलावा बाकी महासचिव तरुण चुघ, अरुण सिंह, विनोद तावड़े आदि केंद्र में मंत्री बनना चाहते हैं। अरुण सिंह का राज्यसभा का  कार्यकाल नवंबर में खत्म हो रहा है। उपाध्यक्षों में भी बदलाव की खबर है।

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