इन दिनों भारत की राजनीति में कुछ भी हो रहा है। नेता एक दूसरे पर निजी हमले कर रहे हैं और राजनीतिक लाभ के लिए पारिवारिक विवाद को भी मुद्दा बना रहे हैं। ताजा मामला आंध्र प्रदेश का है, जहां मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के परिवार में चल रहे संपत्ति विवाद को मुद्दा बना कर जगन के ऊपर हमला किया है। उन्होंने जगन मोहन रेड्डी को ‘कंस मामा’ कहा है कि क्योंकि जगन ने अपनी भांजी के विवाह के लिए बेंगलुरू का पारिवारिक बंगला देने से मना कर दिया है। इसे आधार बना कर नायडू ने कहा है कि जब जगन अपने परिवार के साथ ऐसा कर सकते हैं तो उनसे आंध्र प्रदेश के लोग क्या उम्मीद कर सकते हैं।
असल में जगन मोहन रेड्डी के परिवार में पिछले काफी समय से संपत्ति का विवाद चल रहा है। उनकी बहन वाईएस शर्मिला उनसे अलग हैं और वे कांग्रेस पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष हैं। उन्होंने पहले अपनी अलग पार्टी बनाई थी। वाईएस शर्मिला की बेटी अंजलि की शादी 25 नवंबर को होने वाली है। वे चाहती थीं कि बेंगलुरू के पारिवारिक घर यहालांका पैलेस में शादी हो। लेकिन जगन मोहन ने इससे इनकार कर दिया। कहा जा रहा है कि जगन की मां ने भी इसके लिए कहा था लेकिन वे तैयार नहीं हुए। ध्यान रहे जब वाईएसआर रेड्डी के निधन के बाद कांग्रेस ने जगन को मुख्यमंत्री नहीं बनाया और कांग्रेस से अलग होने के बाद उस समय की यूपीए सरकार ने उनको बेतरह प्रताड़ित किया। उस समय उनकी बहन और मां ने पदयात्रा की और उनका राजनीतिक वजूद बचाए रखा। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने मां और बहन दोनों को छोड़ दिया। परिवार के पास संपत्ति बहुत है और उसका विवाद चल रहा है। उनके पारिवारिक विवाद में घुस कर अब चंद्रबाबू नायडू राजनीति कर रहे हैं।
