अयोध्या में राम मंदिर के प्रबंधन का तरीका बदल गया है। अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में पहली बार एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ की नियुक्ति हुई है। इसे ज्यादा पेशेवर तरीके से संचालित करने का फैसला किया गया है। ट्रस्ट के पहले सीईओ वायु सेना के रिटायर एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को बनाया गया है। वे ट्रस्ट के महासचिव को रिपोर्ट करेंगे। बुधवार को हुई बैठक में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद गिरी को पदोन्नति देकर महासचिव बना दिया गया है। वे चंपत राय की जगह लेंगे। पहले चंपत राय सीधे मंदिर का प्रबंधन देखते थे। इस काम में उनकी मदद करने के लिए ट्रस्ट के ही अनिल मिश्रा जैसे कई लोग थे।
अब महासचिव के जिम्मे ऊपर से निगरानी का काम होगा और रोजमर्रा का प्रबंधन सीईओ जितेंद्र मिश्रा संभालेंगे। जानकार सूत्रों का कहना है कि जितेंद्र मिश्रा का चयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंद से हुआ है। हालांकि सीईओ के चयन में एक लंबी प्रक्रिया अपनाई गई। पहले तीन लोगों की एक कमेटी बनाई गई, जिसने सीईओ पद के लिए योग्यता तय की। उसके बाद अखबारों में विज्ञापन निकाला गया। पांच हजार से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया। उनमें से छंटनी की गई। एक सौ से ज्यादा लोगों का वर्चुअल इंटरव्यू हुआ और अंत में 16 लोगों के साथ चयन समिति के सदस्यों ने आमने सामने बैठ कर इंटरव्यू किया। अंत में चार नाम सामने आए थे। बताया जा रहा था कि रिटायर आईपीएस राजेश पांडे को सीईओ बनाया जा सकता है। लेकिन अंत में जितेंद्र मिश्रा का नाम तय हुए। असल में ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के आदमपुर में वायु सेना के बेस पर गए थे। वहां जितेंद्र मिश्रा उनके साथ करीब डेढ़ घंटे तक रहे थे। उस समय से मोदी के दिमाग में उनका नाम दर्ज था। तभी अंत में मोदी ने उनका नाम आगे बढ़ाया और उन्हें नियुक्त किया गया।
