कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी के संगठन को लेकर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी क अंदर एक बड़ा खेमा बीएस येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजयेंद्र को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के खिलाफ था। पार्टी के नेताओं को लग रहा था कि नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद प्रदेश में नई टीम बनेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसे लेकर विवाद चल ही रहा था कि अब प्रदेश भाजपा के नेताओं को नया मुद्दा मिल गया है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर कर्नाटक की अनदेखी हो रही है। कर्नाटक भाजपा के नेताओं को राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिली है, जबकि दक्षिण भारत में कर्नाटक में ही भाजपा के लिए सबसे अच्छी उम्मीदें हैं।
हालांकि भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष कर्नाटक के ही हैं। तभी यह भी कहा जा रहा है कि सबसे शक्तिशाली महामंत्री कर्नाटक के हैं तो फिर और क्या चाहिए। बहरहाल, नितिन नबीन ने 65 सदस्यों की अपनी टीम घोषित की तो उसमें बीएल संतोष के अलावा सिर्फ एक उपाध्यक्ष का पद कर्नाटक के खाते में गया। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश से आठ पदाधिकारी बनाए गए। नितिन नबीन के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष हेमांग जोशी ने अपनी टीम बनाई है। 34 लोगों की इस सीट में भी कर्नाटक से एक ही नेता को जगह मिली। प्रदेश के नेताओं का कहना है कि कर्नाटक के तेजस्वी सूर्या भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष थे। लेकिन उनके बाद की टीम में सिर्फ एक ही नेता को शामिल किया गया।
