किसी भी पार्टी में संसदीय बोर्ड सबसे पावरफुल बॉडी होती है। सारे फैसले वही होते हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आमतौर पर संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष होते हैं। भाजपा संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष नितिन नबीन हैं तो कांग्रेस कार्यसमिति के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश में जयंत चौधरी की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल ने कमाल किया है। रालोद ने हाल ही में पार्टी में शामिल हुए केसी त्यागी को संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया है। गौरतलब है कि केसी त्यागी लंबे समय तक जनता दल यू के प्रधान राष्ट्रीय महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे और पिछले दिनों रालोद में शामिल हुए।
केसी त्यागी ने असल में अपनी राजनीति के शुरुआती दिन जयंत चौधरी के दादा चौधरी चरण सिंह के साथ बिताए हैं। इस लिहाज से राष्ट्रीय लोकदल में उनका शामिल होना घर वापसी की तरह है। तभी जयंत चौधरी ने उनके ऊपर इतना बड़ा भरोसा दिखाया। केसी त्यागी को संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया और खुद उस बोर्ड में सामान्य सदस्य की तरह शामिल हुए। यह बोर्ड भाजपा के साथ तालमेल की बातचीत से लेकर उम्मीदवारों की सूची बनाने और टिकट का फैसला करने तक के अहम काम करेगा। पिछले काफी समय से केसी त्यागी बाहरी खिलाड़ी की तरह बिहार में खेल रहे थे। अब लंबे समय के बाद वे अपने घर के मैदान में राजनीति करेंगे। राज्य में बहुत जल्दी चुनाव होने वाला है और अगर इस चुनाव में रालोद का प्रदर्शन अच्छा होता है तो केसी त्यागी भी मजबूत होंगे।
