एक तरफ राहुल गांधी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को अलोकतांत्रिक और मनमानी करने वाला बता रहे हैं तो दूसरी ओर कुछ प्रादेशिक पार्टियां कांग्रेस की सरकारों पर ठीक इसी तरह के आरोप लगा रही हैं। कर्नाटक में भाजपा और जेडीएस ने राज्य सरकार के मनमाने तरीके से काम करने और तानाशाही के आरोप लगाए हैं तो तेलंगाना की भारत राष्ट्र समिति ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। इनमें से सबसे बड़ा मामला तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के बेटे केटी रामाराव का है। केटी रामाराव ने तेलंगाना सरकार के ऊपर गंभीर आरोप लगाए हैं और राहुल गांधी पर भी निशाना साधा है। इसे लेकर दो बातें कही जा रही हैं। पहली बात तो यह है कि केटीआर प्रदेश की राजनीति में अपनी पार्टी को मुख्य विपक्ष बनाए रखना चाहते हैं। उनको भाजपा की चिंता है। दूसरी बात यह है कि वे राष्ट्रीय मुद्दों पर राहुल को कठघरे में खड़ा करके भाजपा से नजदीकी बना रहे हैं।
बहरहाल, केटीआर ने राहुल के ऊपर दोहरा रवैया अपनाने के आरोप लगाए हैं। केटीआर ने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट में राहुल को ‘कावर्ड, बुली एंड अनडेमोक्रेटिक’ कहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ‘राहुल की कठपुतली रेवंत एनार्की’ कर रहा है। केसीआर के बेटे केटीआर का कहना है कि राहुल गांधी वोट चोरी के आरोप लगा कर प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन उन्होंने ‘वोट फॉर नोट पेडलर’ को तेलंगाना का मुख्यमंत्री बना कर रखा हुआ है। उनका निशाना रेवंत रेड्डी पर था। केटीआर ने एक घटना का हवाला देते हुए कहा कि उनकी पार्टी के नेता कृशंक माने ने कांग्रेस के अनुमुल्ला परिवार के भ्रष्टाचार पर सवाल किया तो उनको गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि राहुल किसी पर कोई भी आरोप लगाते हैं। केटीआर ने यह भी कहा कि राहुल भारतीय संविधान का मजाक बना रहे हैं।
