बिहार सरकार ने लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की सुरक्षा बहाल कर दी है। पिछले महीने दोनों की सुरक्षा कम कर दी गई थी। सवाल है कि जब एक महीने में ही सुरक्षा बहाल करनी थी तो फिर घटाई ही क्यों थी? क्या सुरक्षा घटाने का मामला 10, सरकुलर रोड के बंगले को खाली कराने से जुड़ा था? बताया जा रहा कि सरकार किसी हाल में राबड़ी देवी का बंगला खाली कराना चाहती थी। लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं थीं। तभी बंगला खाली कराने का नोटिस देने के साथ ही सुरक्षा कम करने का आदेश भी दे दिया गया। लालू प्रसाद और राबड़ी देवी दोनों को पूर्व मुख्यमंत्री के नाते जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली थी, जिसे कर कर दिया गया था।
इसके तुरंत बाद लालू परिवार ने पूरी सुरक्षा हटा दी। सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया गया। राजद के नेता लालू परिवार की सुरक्षा करने लगे। लालू प्रसाद कम कम दो बार बिना सुरक्षा के पटना की सड़कों पर निकले। फिर अचानक शांति हो गई और एक दिन राबड़ी देवी ने बंगला खाली करने का ऐलान कर दिया। सारा सामान 39 हार्डिंग रोड के बंगले पर या कौटिल्य नगर के निजी मकान पर भेज दिया गया। राबड़ी देवी को 10, सरकुलर रोड खाली करने के लिए 29 जून तक का समय दिया गया था। बाद में उन्होंने पांच जुलाई तक का समय मांगा। लेकिन तीन जुलाई तक ही बंगला खाली हो गया। इसके बाद चार जुलाई को सरकार ने दोनों की जेड श्रेणी की सुरक्षा बहाल कर दी। अब ऐसा तो नहीं हो सकता है कि एक महीना पहले खतरा कम हो गया था और अब खतरा बढ़ गया है। थ्रेट असेसमेंट के लिए हाल फिलहाल कोई बैठक भी नहीं हुई है। इसलिए माना जाए का सुरक्षा कम करने या बढ़ाने का मामला राजनीतिक है।
