महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन यानी महाविकास अघाड़ी को एक बूस्टर डोज की जरुरत थी। इसमें शामिल तीनों पार्टियां कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिव सेना और शरद पवार की एनसीपी पस्त पड़ी हैं। उद्धव ठाकरे की पार्टी टूट गई है और शरद पवार ने भी जैसे तैसे पार्टी बचाई है। उद्धव की पार्टी के छह सांसद एकनाथ शिंदे के साथ चले गए हैं और शिंदे ऑपरेशन टाइगर 3.0 की बात कर रहे हैं। यानी उनके विधायकों को तोड़ने की भी बात कर रहे हैं। इस बीच विधान परिषद के चुनाव से महाविकास अघाड़ी यानी एमवीए को संजीवनी मिलती दिख रही है। राज्य में विधान परिषद की पांच सीटों के लिए मतदान हुआ था, जिसमें से तीन सीटों पर महाविकास अघाड़ी ने जीत हासिल की है।
हालांकि नागपुर की सीट भाजपा ने बचा ली है लेकिन पांच में से सत्तारूढ़ गठबंधन यानी महायुति को सिर्फ दो सीटें मिली हैं। भाजपा की सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिव सेना को अमरावती में कांटे की टक्कर में जीत मिली है। मराठवाड़ा में शरद पवार की पार्टी ने अपनी पकड़ बनाए रखी है। शरद पवार की पार्टी मराठवाड़ा स्नातक सीट पर चुनाव जीत गई है। विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद पहली बार भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को एक झटका लगा है। इसके बाद महाविकास अघाड़ी के नेता उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी पार्टियों में बिखराव रूकेगा।
