केंद्र सरकार ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की आपत्तियों को खारिज कर दिया है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों से बने संशय को समाप्त करने के लिए नया विधेयक लाने का फैसला किया है। संसद के बजट सत्र के दौरान सोमवार, 23 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसका विधेयक पेश करेंगे। इस विधेयक के जरिए अर्धसैनिक बलों में आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के नियम बनाए जाएंगे। अभी तक केंद्र सरकार के कार्यकारी आदेश के जरिए राज्यों से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर अर्धसैनिक बलों में नियुक्त किया जाता था। अब इसके लिए कानून बनाया जा रहा है।
प्रस्तावित विधेयक के मुताबिक अर्धसैनिक बलों जैसे सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और सीआईएसएफ में महानिरीक्षक यानी आईजी स्तर के आधे अधिकारी आईपीएस होंगे। इसके बाद अतिरिक्त महानिदेशक यानी एडीजी स्तर के 67 फीसदी यानी दो तिहाई अधिकारी आईपीएस होंगे और डीजी स्तर के सारे अधिकारी आईपीएस होंगे। इसका मतलब है कि अब अर्धसैनिक बलों के अपने कैडर का कोई अधिकारी डीजी नहीं बन पाएगा। इसी वजह से अर्धसैनिक बलों के पूर्व अधिकारियों ने सरकार की इस पहल का विरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने एक पुराने आदेश को बदलने से इनकार कर दिया था, जिससे सरकार को झटका लगा था। तभी सरकार ने विधेयक लाकर कानून बनाने का फैसला किया है।
