Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

रेवंत रेड्डी को मोदी का प्रस्ताव

Hyderabad, Aug 15 (ANI): Telangana Chief Minister A. Revanth Reddy addresses the gathering during the 79th Independence Day celebrations, at Golconda Fort in Hyderabad on Friday. (ANI Photo)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद की सभा में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को अपने साथ आने का प्रस्ताव दिया। यह प्रस्ताव मजाक में दिया गया था लेकिन क्या अनायास था? प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संदर्भ के साथ यह बात कही लेकिन उनका कहना अनायास नहीं था। उन्होंने राज्य की भलाई के लिए रेवंत रेड्डी को अपने साथ आने की बात कही लेकिन ऐसा लग रहा है कि रेवंत रेड्डी का भला भी इसमें है कि वे भाजपा के साथ जुड़ जाएं। हालांकि अभी तो वे मुख्यमंत्री हैं और उनको सत्ता संभाले हुए ढाई साल ही हुए हैं। इसलिए वे कहीं नहीं जाएंगे। लेकिन उनके साथ दो बातें ऐसी हैं, जो संदेह पैदा करती हैं। पहली तो यह कि सोनिया व राहुल गांधी के प्रति बहुत ज्यादा स्वामीभक्ति दिखाते हैं। उन्होंने कहा था कि अगर गांधी परिवार कहे तो वे एक हजार करोड़ रुपए भी जुटा कर दे सकते हैं। ऐसी स्वामीभक्ति की बातें करने वालों को हमेशा संदेह होता है।

दूसरी बात यह है कि रेवंत रेड्डी काफी समय के राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से ही कांग्रेस में गए हैं। सोचें, शुभेंदु अधिकारी बाल स्वंयसेवक संघ थे। यानी बालिग होने से पहले कभी किसी के साथ संघ की शाखा में गए थे। उसके बाद उन्होंने राजनीति कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के साथ ही की लेकिन आखिरकार भाजपा में गए और वहां जाकर ऐसे रमे कि क्या कोई पुराना स्वंयसेवक रमेगा। कहा गया कि एक बार जब संघ के संस्कार आ गए तो फिर वो जाते नहीं हैं। सो, रेवंत रेड्डी पर नजर रखने की जरुरत है। वे स्वंयसेवक रहे हैं और हजारों करोड़ रुपए जुटा देने की बात करते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया की दादी और उनके पिता भी संघ और भाजपा से जुड़े रहे थे। तभी जब वे भाजपा में गए तो एकदम घुलमिल गए।

Exit mobile version