बिहार में भाजपा की सहयोगी जनता दल यू के सांसद गिरधारी यादव ने संसद में खड़े होकर चुनाव आयोग पर बड़ा हमला किया। उन्होंने बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का विरोध किया और कहा कि चुनाव आयोग को बिहार के इतिहास, भूगोल के बारे में कुछ भी पता नहीं है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के लिए कम से कम एक साल का समय देना चाहिए था। असल में गिरधारी यादव का बेटा बाहर है और वह मतगणना प्रपत्र नहीं भर पा रहा है। कहा जा रहा है कि वे इस कारण से भड़के हैं। लेकिन यह मुख्य कारण नहीं है। जानकार सूत्रों का कहना है कि जनता दल यू के अंदर ही चुनाव आयोग की इस अभियान को लेकर नाराजगी है, जिसको गिरधारी यादव ने जाहिर किया।
गिरधारी यादव ने संसद में रेल मंत्रालय को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल में रेल मंत्री ने बिहार से एक भी नई ट्रेन नहीं चलाई है। इस पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पांच अमृत भारत ट्रेन चलाई गई है। ऐसा नहीं है कि यह बात गिरधारी यादव नहीं जानते थे। लेकिन उनको अपनी और पार्टी की नाराजगी जाहिर करनी थी तो कर दी। यह भी कहा जा रहा है कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण और रेलवे के बहाने जनता दल यू ने दबाव की राजनीति की है। उसने सीट बंटवारे से पहले अपनी सहयोगी भाजपा को एक मैसेज दिया है। आने वाले दिनों में इस किस्म की राजनीति और देखने को मिलेगी।
