भाजपा संसद के दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत की तलाश कर रही है। इस बीच संसद के दोनों सदनों के सत्रावसान का नया रिकॉर्ड बन गया है। ऐसा लग रहा है जिस तरह से क्रिकेट में विराट कोहली सारे रिकॉर्ड तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, यहां तक कि सबसे ज्यादा बार जीरो पर आउट होने के रिकॉर्ड के भी नजदीक पहुंच गए हैं, वैसे ही भाजपा भी अच्छे, बुरे सारे रिकॉर्ड तोड़ देना चाहती है। उसने संसद के दोनों सदनों के सत्रावसान में देरी का रिकॉर्ड़ तोड़ दिया है।
इससे पहले राजीव गांधी की सरकार के समय 1989 में संसद के दोनों सदनों का 53 दिन तक सत्रावसान नहीं हुआ था। अभी मानसून सत्र अनिश्चितकाल तक स्थगित हुए 55 दिन हो गए हैं और सत्रावसान नहीं हुआ है। हालांकि एक सदन के सत्रावसान में देरी का रिकॉर्ड अब भी कांग्रेस के नाम ही है। 2008 में मनमोहन सिंह की सरकार के समय लोकसभा का सत्रावसान 86 दिन तक नहीं किया गया था। उससे पहले का रिकॉर्ड राजीव गांधी की सरकार के नाम था। 1987 में 75 दिन तक लोकसभा का सत्रावसान नहीं हुआ था। देखना है कि भाजपा वह रिकॉर्ड तोड़ पाती है या नहीं। गौरतलब है कि संसद के शीतकालीन सत्र का भी समय नजदीक आता जा रहा है। हालांकि कहा जा रहा है कि इसी महीने संसद का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है।
