कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन की कहानी खत्म ही नहीं हो रही है। प्रदर्शन 25 जुलाई को खत्म हो गया। सभी मांगें मान ली गई हैं। लेकिन अब भी उसका विवाद चल रहा है। पहले राहुल गांधी संसद मार्ग थाने में साहिल लोचब को लेकर पहुंचे और एफआईआर करने की जिद की। उनका दावा था कि साहिल को 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की पैलेट गन से गोली लगी है। दूसरी ओर पुलिस कह रहा है कि उसने पैलेट गन नहीं चलाई है। राहुल छह घंटे बैठे रहे और तब पुलिस ने अज्ञात लोगों के ऊपर मुकदमा दर्ज किया।
अब शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी के सौरव दास व आशुतोष रांका संसद मार्ग थाने पहुंचे और सीजेपी कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय आजाद पर हमले के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। थोड़ी देर में नगीना के सांसद चंद्रशेखर और पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी पहुंच गए। दो घंटे की जद्दोजहद के बाद स्वतंत्र भारद्वाज पर मुकदमा दर्ज किया गया। थोड़ी देर के बाद ही उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया गया।
गौरतलब है कि इससे तीन दिन पहले ही दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में बताया था कि जंतर मंतर के प्रदर्शन में 28 सौ से ज्यादा ऐसे लोग थे, जिनके ऊपर हत्या, हत्या के प्रयास और बलात्कार जैसे संगीन अपराध के आरोप हैं। पुलिस उनके ऊपर कार्रवाई जारी रखना चाहती है। उसी बीच स्वतंत्र भारद्वाज वाला ट्विस्ट आ गया। वह वीडियो बना कर पुलिस और भाजपा नेताओं से अपनी दोस्ती बता रहा है। इससे पुलिस बैकफुट पर आई है।
