भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन अभी भाजपा के मार्गदर्शक मंडल में नहीं गए हैं। वहां लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह ही हैं। लेकिन प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपना मार्गदर्शक बताया है। यह कमाल की बात है कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को नितिन नबीन का नेतृत्व स्थापित करने के लिए इतनी मेहनत करनी पड़ रही है। वे जब राष्ट्रीय अध्यक्ष बने तब प्रधानमंत्री मोदी ने उनको कुर्सी पर बैठाने के बाद अपने भाषण में कहा कि नितिन नबीन उनके भी बॉस हैं। बुधवार, सात अक्टूबर को जब प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे हुए तो इस अवसर पर इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मोदी ने अपने संबोधन में नितन नबीन को अपनी और पार्टी का मार्गदर्शक बताया।
याद करें क्या कभी नरेंद्र मोदी ने इस तरह की बात अपने प्रधानमंत्री काल में बने तीन भाजपा अध्यक्षों के बारे में कही है? जब वे प्रधानमंत्री बने उस समय राजनाथ सिंह अध्यक्ष थे। उसके बाद अमित शाह अध्यक्ष बने और फिर छह साल तक जेपी नड्डा पार्टी के अध्यक्ष रहे। याद नहीं आ रहा है कि इन तीनों में से किसी को नरेंद्र मोदी ने अपना बॉस या मार्गदर्शक कहा हो! सबको पता है कि वे पार्टी के सर्वोच्च नेता हैं और जो भी अध्यक्ष हुआ वह उनके आगे हाथ जोड़ कर खड़ा रहा और फूल देकर स्वागत करता रहा। फिर भी वे नितिन नबीन को बॉस और मार्गदर्शक बता रहे हैं तो उसका कारण यह है कि उनको पता है कि पार्टी के अनेक बड़े नेता अब भी नितिन नबीन का नेतृत्व स्वीकार करने में हिचक रहे हैं या अब भी वे इस बात को हजम नहीं कर पा रहे हैं कि नितिन नबीन राष्ट्रीय अध्यक्ष हो गए। इसलिए प्रधानमंत्री उनका नेतृत्व स्थापित कराने के लिए अपने संबोधन के जरिए मैसेज कर रहे हैं।
