प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र से पहले संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए सरकार की उपलब्धियां बताईं। इसी क्रम में उन्होंने निजी कंपनी के अंतरिक्ष सेक्टर में प्रवेश करने और पहला निजी सेटेलाइट लॉन्च करने की बात कही। उन्होंने यह बात कहते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि 56 साल के युवा नहीं, बल्कि 28 साल के युवा अंतरिक्ष में देश की तकदीर बदल रहे हैं। ध्यान रहे राहुल गांधी इसी साल 56 साल के हुए हैं। आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल भी इसी साल 56 साल के हुए हैं।
निश्चित रूप से प्रधानमंत्री मोदी का तंज राहुल गांधी के ऊपर था। प्रधानमंत्री का यह तंज बहुत बैड टेस्ट में था और बिल्कुल अनर्गल था। राहुल गांधी 56 साल के हो गए हैं और उनकी पार्टी उनको युवा मानती है या अपना भविष्य मानती है तो यह तंज का विषय नहीं है। मोदी इस साल 76 साल के होंगे लेकिन उनकी पार्टी और समर्थक अब भी उनको भारत का भविष्य मान रहे हैं और वे भी मानते ही हैं कि वे देश की तकदीर बना रहे हैं। दूसरी बात यह है कि क्या 56 साल के लोग देश की तकदीर बनाने में कुछ नहीं कर रहे हैं? जो कर रहे हैं वह 76 साल वाले या 28 साल वाले कर रहे हैं? याद करें इसी तरह मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की उम्र का हवाला दिया था। रुपए की गिरती कीमत को लेकर कहा था कि यह मनमोहन सिंह के उम्र की बराबरी करने की ओर बढ़ रहा है।
