जन सुराज पार्टी के संस्थापक और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने की चर्चा एक बार फिर शुरू हो गई है। पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के समय उनके राघोपुर सीट से तेजस्वी यादव के खिलाफ लड़ने की चर्चा थी। लेकिन ऐन मौके पर उन्होंने चुनाव लड़ने का इरादा छोड़ दिया। बाद में उन्होंने राघोपुर से बहुत कमजोर उम्मीदवार भी दिया और प्रचार के लिए भी नहीं गए। अब चर्चा है कि वे पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ सकते हैं। बांकीपुर सीट भाजपा का गढ़ है और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के इस्तीफा देने से खाली हुई है। पहले नितिन नबीन के पिता नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा इस सीट से जीतते थे। शहर की सीट है और कायस्थ व अन्य अगड़ी जातियों के असर वाली सीट है।
तभी सवाल है कि क्या प्रशांत किशोर चुनाव लड़ेंगे या फिर सिर्फ चर्चा करा कर छोड़ देंगे? पिछले दिनों प्रशांत किशोर ने पटना का आवास खाली किया। वे पिछले कुछ समय से पटना के शेखपुरा हाउस में रह रहे थे, जो पूर्णिया के पूर्व सांसद उदय सिंह का आवास है। उदय सिंह जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे लेकिन उन्होंने राजनीति से एक साल का विराम लिया है। प्रशांत अब पटना शहर से बाहर एक आश्रम में रहेंगे। कहा जा रहा है कि शेखपुरा सीट पर वे भाजपा बनाम विपक्ष का मुकाबला बनाना चाहते हैं और विपक्ष का चेहरा खुद बनना चाहते हैं। लेकिन राजद का उनको समर्थन नहीं मिलेगा। दूसरी ओर भाजपा किसी कायस्थ उम्मीदवार को ही लड़ाएगी। इस सीट पर उपचुनाव की घोषणा अभी नहीं हुई है। लेकिन जब भी उपचुनाव होगा अगर प्रशांत किशोर लड़ेंगे तो वह देश का सबसे चर्चित चुनाव होगा। अब तक दूसरों को लड़ाते रहे पीके खुद कोई चुनाव नहीं लड़े हैं।
