बिहार विधानसभा का चुनाव बुरी तरह से हारने के बाद प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम की नींद खुली है और वे पार्टी संगठन को मजबूत करने और सदस्यों की संख्या बढ़ाने की एक स्कीम लेकर आए हैं। यह कॉरपोरेट में बिजनेस बढ़ाने पर दी जाने वाली इंसेटिव स्कीम की तरह है। उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता की फीस बढ़ा दी है और पार्टी नेताओं से कहा है कि अगर वे ज्यादा सदस्य बनाएंगे तो उनको पार्टी में पदाधिकारी बनाया जाएगा। कांग्रेस पार्टी के कई पुराने नेता इसे कांग्रेस की विचारधारा के विपरीत बता रहे हैं। साथ ही यह भी कह रहे हैं कि पैसे वाले लोगों का संगठन में बोलबाला हो जाएगा।
राजेश राम की स्कीम के मुताबिक अगर कोई नेता 50 रुपए वाले दो सौ सदस्य बना देता है तो उसे जिला कमेटी में पद मिलेगा। यानी कोई चाहे तो 10 हजार रुपए खर्च करके जिला कमेटी में पदाधिकारी बन सकता है। इसी तरह दो हजार सदस्य बनाने वाले यानी एक लाख रुपए खर्च करने वाले को प्रदेश में महासचिव बनाया जाएगा और तीन हजार सदस्य बनाने वाले यानी डेढ़ लाख रुपए खर्च करने वाले को प्रदेश में उपाध्यक्ष बनाया जाएगा। कांग्रेस के पुराने नेताओं को लग रहा है कि कुछ लोग अपना पैसा लगा कर इतने सदस्य बना देंगे और पार्टी में पदाधिकारी बन जाएंगे। पता नहीं है कि राजेश राम की स्कीम को कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू का समर्थन है या नहीं!
