पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल तेजी से बदल रहा है। ममता बनर्जी की पार्टी तोड़ने और उनकी पार्टी के आरोपी नेताओं को भाजपा में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल किए जाने से भाजपा समर्थकों और बंगाल के आम लोगों में भी कंफ्यूजन है। उनको समझ में नहीं आ रहा है कि जिनके खिलाफ भाजपा ने अभियान चलाया और जिनके खिलाफ लोगों के मन में गुस्सा है उन लोगों को ही क्यों फिर सत्ता में जगह दी जा रही है। इस बीच योग दिवस के लिए एक हफ्ते तक रेड रोड को बंद रखा गया, जिससे लोगों में काफी नाराजगी है।
ध्यान रहे कोलकाता का रेड रोड ममता बनर्जी की सरकार की तुष्टिकरण की नीति का प्रतीक है। शुभेंदु अधिकारी ने सरकार में आते ही सबसे पहले वहां होने वाली जुमे की नमाज बंद कराई। लेकिन उसके बाद 14 जून से 21 जून तक उस सड़क को योग दिवस के लिए बंद कर दिया गया। इससे लोगों को बड़ी परेशानी हुई है, जिसका उन्होंने खुल कर इजहार किया है। अब खबर है कि सरकार ने मिड डे मील से अंडा हटाने का फैसला किया है। अंडे की जगह पनीर और राजमा दिया जाएगा। इस्कॉन को मिड डे मील की जिम्मेदारी दी जा रही है। शाकाहार प्रमोट करने की भाजपा की राजनीति दिखने लगी है। पहले तो कहा गया कि सरकार पांच रुपए में मछली और चावल की कैंटीन चलाएगी और अब बच्चों की थाली से अंडा गायब किया जा रहा है। दूसरी ओर ममता बनर्जी शांत होकर बैठी हैं और मौके का इंतजार कर रही हैं।
