संसद के मानसून सत्र में सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना यानी मनरेगा को समाप्त कर उसकी जगह विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण यानी वीबी जी राम जी बिल पास कराया, जो राष्ट्रपति की मंजूरी से कानून बन गया है। जिस समय यह बिल पास हुआ उस समय लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देश में नहीं थे इसलिए संसद की बहस में उन्होंने हिस्सा नहीं लिया। लेकिन उसी समय कांग्रेस पार्टी ने तय किया कि वह पूरे देश में इसके खिलाफ प्रदर्शन करेगी। यह बात 19 दिसंबर से पहले की है। बताया गया कि कांग्रेस का प्रदर्शन 28 दिसंबर को उसके स्थापना दिवस के दिन शुरू होगा। इसके लिए कांग्रेस ने 27 सितंबर को कार्य समिति यानी सीडब्लुसी की बैठक बुलाई थी।
खबर है कि जी राम जी बिल के खिलाफ ‘मनरेगा बचाओ’ आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए सीडब्लुसी की बैठक बुलाई गई थी लेकिन वह बैठक कांग्रेस संगठन की कमजोरियों पर शिफ्ट हो गई क्योंकि दिग्विजय सिंह ने उससे ठीक पहले सोशल मीडिया में एक पुरानी तस्वीर पोस्ट करके भाजपा और आरएसएस के संगठन की तारीफ कर दी थी। इसके बाद चर्चा इस पर होती रही कि कांग्रेस का संगठन कैसे मजबूत किया जाए। हालांकि बताते हैं कि राहुल गांधी खुश नहीं थे और उन्होंने 28 दिसंबर को पार्टी के स्थापना दिवस कार्यक्रम में दिग्विजय सिंह से अपनी नाराजगी जाहिर भी कर दी।
बहरहाल, कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में तय हुआ कि कांग्रेस पार्टी पांच जनवरी से प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस की इस योजना को देखते हुए भाजपा की ओर से तय किया गया कि वह पूरे देश में जागरूकता अभियान शुरू करेगी और लोगों को जी राम जी कानून के फायदे बताएगी। भाजपा का यह जागरूकता अभियान शुरू हो गया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बैठक बुलाई, जिसमें कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और अन्य नेता शामिल हुए। भाजपा का अभियान शुरू हो गया लेकिन कांग्रेस के प्रदर्शन की तारीख अब पांच से बढ़ कर 10 जनवरी हो गई है। सोचें, 28 दिसंबर, फिर पांच जनवरी और फिर 10 जनवरी। कहा जा रहा है कि 10 जनवरी को एक साथ पूरे देश में प्रदर्शन होगा। इसके अगले दिन उपवास रखा जाएगा और फिर उसके बाद प्रदर्शन जारी रहेगा। मनरेगा बचाने के लिए लोगों को एकजुट किया जाएगा और प्रदेश से लेकर जिला और प्रखंड स्तर तक प्रदर्शन होगा। इसमें कांग्रेस के सभी नेता शामिल होंगे।
जानकार सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने इसे बड़ा आंदोलन बनाने का फैसला किया है इसलिए तैयारी में समय लग रहा है। लेकिन साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि राहुल गांधी की वजह से कार्यक्रम टल रहा है। जी राम जी बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी जर्मनी में थे। फिर आए तो ईयर एंड और नए साल का उनके परिवार का रणथंभौर का कार्यक्रम था, जहां उनके भांजे रेहान वाड्रा की सगाई होनी थी। अब वे नए साल की छुट्टी मनाने वियतनाम चले गए हैं। इसलिए पार्टी के प्रदर्शन का कार्यक्रम टलता जा रहा है। लेकिन कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि राहुल गांधी प्रदर्शन में शामिल होंगे और इसे भारत जोड़ो यात्रा की तरह बड़ा आंदोलन बनाएंगे।
