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राहुल के जैसी ही उनके नेताओं की राजनीति

देश में इस समय एलपीजी को लेकर हाहाकार मचा है। पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। उर्वरक की कालाबाजारी शुरू ही होने वाली है क्योंकि खाद का आयात और उत्पादन दोनों कम हो रहा है। इसके अलावा और भी कई बुनियादी समस्याएं, जो सीधे जनता से जुड़ी हैं। लेकिन राहुल गांधी की ओर से महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए गए हर्षवर्धन सपकाल एप्सटीन फाइल्स में कथित रूप से नाम होने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले हैं। इससे भी ज्यादा दिलचस्प मामला यह है कि सपकाल का प्रदर्शन भाजपा कार्यालय पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के नागपुर के मुख्यालय पर होने वाला है।

ऐसा लग रहा है कि उन्होंने राहुल गांधी को कुछ ज्यादा ही नजदीक से फॉलो कर लिया है। उन्होंने राहुल को आरएसएस के खिलाफ बोलते सुना है और एप्सटीन फाइल्स का मुद्दा उठाते भी देखा है। सो, दोनों को जोड़ कर एक कार्यक्रम बना लिया। हर्षवर्धन सपकाल ने इसके लिए प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी यानी वीबीए को भी साथ लिया। कांग्रेस और वंचित बहुजन अघाड़ी के कार्यकर्ता सोमवार, 23 मार्च को नागपुर में आरएसएस मुख्यालय की ओर मार्च करने वाले हैं। कांस्टीट्यूशन स्क्वायर से उनका प्रदर्शन शुरू होगा और संघ मुख्यालय की ओर बढ़ेगा। कांग्रेस ने तय किया है कि आरएसएस से पूछा जाएगा कि एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद भी नरेंद्र मोदी किस तरह से प्रधानमंत्री बने हुए हैं। प्रदेश कांग्रेस के साथ साथ दिल्ली में भी नेताओं को इस प्रदर्शन और मार्च का एजेंडा समझ में नहीं आ रहा है। लेकिन हो सकता है कि राहुल और उनके लोग इससे खुश हों।

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