कितना सुखद संयोग है और कितने सही समय पर हुआ है कि ओमान की खाड़ी के पास भारत के एक जहाज विराट 1 का इंजन फेल हो गया। भारतीय जहाज ने मदद के लिए मैसेज भेजा और मैसेज मिलते ही उस इलाके में मौजूद अमेरिकी नौसेना हरकत में आई और उसने मदद भेज कर जहाज पर सवार 14 नाविकों को बचा लिया। बचाए गए सभी नाविक मुंबई लाए जा रहे हैं। यह सुखद और समय पर हुआ संयोग इसलिए है क्योंकि अभी अमेरिका और उसकी नौसेना निशाने पर है। भारत में उनको लेकर नाराजगी है। इस घटना से अचानक पूरा नैरेटिव बदल गया है।
असल में आठ से 11 जून के बीच अमेरिका ने तीन टैंकरों पर हमला किया। दूसरा हमला 10 जून को हुआ था, जिसमें तीन भारतीय नाविक मारे गए थे। ये तीनों जहाज दूसरे देशों के थे लेकिन पहले जहाज में 24, दूसरे में 24 और तीसरे में 20 भारतीय नाविक थे। यह बात अमेरिका को पता थी क्योंकि अमेरिकी नौसेना की बात इन टैंकरों के चालक दल से हो रही थी। इसके बावजूद अमेरिका ने हेलफायर मिसाइल दाग कर जहाज को डुबोया और मदद की गुहार लगा रहे नाविकों को नहीं बचाया। डूबते टैंकरों की रिकॉर्डिंग भी सार्वजनिक हो गई है, जिसमें भारतीय चालक दल के सदस्य कह रहे हैं कि कोई बचाने नहीं आ रहा है। बाद में ओमान के जहाज ने नाविकों को निकाला। हमला करने के बाद अमेरिका ने लोगों को डूबने के लिए छोड़ दिया था। इसे लेकर अमेरिका की आलोचना हुई लेकिन उससे ज्यादा भारत सरकार की हुई, जिसने अमेरिका को इसे लेकर सख्त संदेश नहीं दिया। लेकिन अब अचानक अमेरिका ने एक भारतीय जहाज बचा लिया है और सारा नैरेटिव बदल दिया है।
