नीतीश कुमार 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ देंगे और भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनेगा। भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के उप मुख्यमंत्री बनने की चर्चा पहले दिन से चल रही है। लेकिन उनको लेकर अब भी सस्पेंस बना हुआ है। इसका कारण यह है नीतीश अब भी कभी कभी निशांत की भूमिका लेकर संशय पैदा कर देते हैं तो कभी निशांत खुद भी पीछे हटते दिख रहे हैं। कहा जा रहा है कि नीतीश नहीं चाहते हैं कि निशांत को सीधे उप मुख्यमंत्री बनाया जाए। उन्होंने किसी को कहा कि अभी मंत्री बनाया जाए और कोई बहुत बड़ा मंत्रालय नहीं दिया जाए। दूसरी ओर निशांत ने कह दिया कि अभी नीतीश कुछ दिन और पद पर बने रहें तभी वे सरकार में कोई पद संभालने के लिए तैयार होंगे।
दूसरी ओर पार्टी इस मामले में बंटी दिख रही है। उप मुख्यमंत्री बनने की आस लगाए बैठे कई नेता चाहते हैं कि निशांत न बनें तो दो लोग उप मुख्यमंत्री बन जाएंगे। क्योंकि अगर निशांत बनेंगे तो वे अकेले उप मुख्यमंत्री होंगे। दूसरी ओर नेताओं की बड़ी जमात जाहती है कि निशांत को डिप्टी सीएम बनाया जाए। उनका कहना है कि अगर निशांत डिप्टी सीएम नहीं बनते हैं और किसी एक या दो दूसरे नेताओं को डिप्टी सीएम बनाया जाता है तो पार्टी के अंदर नया पावर सेंटर बनेगा। इससे निशांत की ऑथोरिटी कमजोर होगी और पार्टी का भविष्य भी कमजोर होगा। क्योंकि अगर निशांत डिप्टी सीएम नहीं बनेंगे तो रणनीति के तहत किसी कुर्मी को डिप्टी सीएम नहीं बनाया जाएगा। इससे कुर्मी मतदाताओं में नाराजगी बढ़ेगी। तभी भाजपा भी चाहती है कि कोईरी, कुर्मी और धानुक के 10 फीसदी वोट का परफेक्ट समीकरण बनाए रखने के लिए निशांत को डिप्टी सीएम बनाया जाए।
