निशांत को लाने के पीछे बड़ी राजनीति
नीतीश कुमार क्यों अपने बेटे को राजनीति में लाने से हिचक रहे हैं? सरस्वती पूजा के दिन 23 जनवरी को सबने देखा कि उनकी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह नीतीश को मना रहे थे कि वे बेटे को राजनीति में आने दें। नीतीश की हिचक का एक कारण तो यह है कि वे अपने को कर्पूरी ठाकुर का शिष्य मानते हैं और उनके मन में यह बात बैठी है कि अपने सक्रिय रहते बेटे को राजनीति में नहीं लाना है। तभी माना जा रहा है कि पार्टी का जो खेमा निशांत की...