समाजवादी पार्टी ने उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से ऐन पहले प्रदेश अध्यक्ष बदल दिया। पार्टी ने महंत शुभम गिरी को हटा कर उनकी जगह अब्दुल मतीन सिद्दीकी को अध्यक्ष बना दिया। पिछले हफ्ते सपा ने यह बदलाव किया। जानकार सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी के नेता इससे बहुत नाराज हैं। उनको लग रहा है कि कांग्रेस के कमजोर करने के लिए सपा ने यह दांव चला है क्योंकि सपा का उत्तराखंड में कोई आधार नहीं है। वह कांग्रेस पर दबाव बना रही है। गौरतलब है कि उत्तराखंड में 14 से 15 फीसदी तक मुस्लिम आबादी है और मैदानी इलाकों में मुस्लिम वोट बहुत असरदार होता है। कांग्रेस को लग रहा है कि 15 फीसदी मुस्लिम और करीब 19 फीसदी दलित मिल कर उसे कई सीटें जीता सकते हैं। ये दोनों वोट कांग्रेस अपने साथ मान रही है। लेकिन ब्राह्मण को बदल कर मुस्लिम अध्यक्ष बनाने से माहौल बदला है।
एक तरफ सपा ने उत्तराखंड में यह दांव चला तो कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया। राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की विधायक बेटी आराधना मिश्रा उर्फ मोना मिश्रा को अजय राय की जगह प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया और सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। गौरतलब है कि मसूद सपा के साथ तालमेल में ज्यादा सीटें मांगने वालों में सबसे मुखर हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनका विवाद सपा की सांसद इकरा हसन के साथ पहले से थे। इस बीच अखिलेश यादव ने उनके दामाद को अपनी पार्टी में शामिल करा लिया। उनके दामाद बड़े दिग्गज मुस्लिम नेता रहे राशिद मसूद के बेटे हैं, जिनके परिवार का अपना असर है। एक तरफ प्रमोद तिवारी और आराधना मिश्रा सपा के हिसाब से फैसले करने वाले नेता हैं तो दूसरी ओर इमरान मसूद लड़ने वाले। इसी खींचतान में सीटों का बंटवारा होगा।
