राहुल गांधी अभी तक तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के लिए नहीं गए हैं। वे बगल के केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी गए और चुनावी सभा को संबोधित किया। लेकिन तमिलनाडु में कोई सभा नहीं की। आमतौर पर दिल्ली से जाने वाले नेताओं ने एक यात्रा में दोनों जगह सभाएं की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो पिछले दो महीने में तीन बार तमिलनाडु का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने कई चुनावी सभाओं को संबोधित किया है। अमित शाह भी कई चुनावी सभाओं को संबोधित कर चुके हैं। लेकिन तमिलनाडु में अभी कांग्रेस का इंतजार हो रहा है। कहा जा रहा है कि तीन राज्यों केरल, असम और पुडुचुरी के चुनाव के बाद ही राहुल तमिलनाडु जाएंगे। इन तीनों राज्यों में नौ अप्रैल को मतदान है।
राहुल गांधी पुडुचेरी में चुनाव प्रचार के लिए गए तो उन्होंने वहां सिर्फ कांग्रेस को जिताने की अपील की। उन्होंने सहयोगियों की भी बात की लेकिन डीएमके का नाम नहीं लिया। गौरतलब है कि पिछली बार की तरह इस बार भी पुडुचेरी में कांग्रेस ज्यादा सीटें लड़ रही हैं। पिछली बार 14 सीट लड़ कर वह सिर्फ दो जीत पाई थी, जबकि डीएमके 13 सीट पर लड़ कर छह पर जीती थी। अगर इस बार भी पुडुचेरी में विपक्ष नहीं जीतता है तो कारण कांग्रेस होगी। बहरहाल, राहुल ने पुडुचेरी में कांग्रेस का नाम नहीं लिया और तमिलनाडु में प्रचार नहीं शुरू किया है। नौ अप्रैल के बाद वे तमिलनाडु जाते हैं तो देखना दिलचस्प होगा कि वे डीएमके के बारे में क्या कहते हैं और स्टालिन या उनके बेटे उदयनिधि के साथ साझा चुनावी रैली करते हैं या नहीं।
