यह सही है कि मुख्यमंत्रियों को विदेश यात्रा के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी की जरुरत होती है। भारत की विदेश नीति और घरेलू नीतियों के साथ साथ कई और चीजें इसमें इनवॉल्व रहती हैं। लेकिन सवाल है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का कौन का एंगेजमेंट भारत सरकार को पसंद नहीं आया, जिसकी वजह से उनकी अमेरिका यात्रा रोक दी गई? यह भी सवाल है कि जब ब्रिटेन की यात्रा नहीं रोकी गई तो फिर उनके अमेरिका जाने में क्या समस्या थी? क्या सरकार मान रही है कि इस समय अमेरिका में भारत के अनुकूल माहौल नहीं है या भारत विरोधी भावना प्रबल है?
असल में रेवंत रेड्डी एक साथ ब्रिटेन और अमेरिका की यात्रा पर निकले थे। ब्रिटेन की यात्रा समाप्त करके उनको अमेरिका जाना था। लेकिन ब्रिटेन यात्रा समाप्त होने से ठीक पहले खबर आई कि भारत सरकार ने उनकी अमेरिका यात्रा की मंजूरी नहीं दी है। जानकार सूत्रों का कहना है कि न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से उनकी मुलाकात होनी थी और इस वजह से उनकी यात्रा को मंजूरी नहीं दी गई। ध्यान रहे ममदानी भारत के आंतरिक मामलों में दखल दे चुके हैं। उन्होंने जेल में बंद उमर खालिद का समर्थन किया था। हालांकि ममदानी के अलावा रेवंत रेड्डी को उप राष्ट्रपति जेडी वेंस से भी मिलना था। लेकिन उससे कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। यह भी कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे ट्रंप जूनियर से मुलाकात को भी अच्छा नहीं माना जा रहा था। ध्यान रहे सबसे बड़ा ट्रंप टावर हैदराबाद में बन रहा है। सो, रेवंत वहां नहीं मिले तो हैदराबाद में ट्रंप जूनियर से मिल सकते हैं।
