Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

चिराग पासवान क्यों इतने नाराज हैं

Purnia, Sep 21 (ANI): LJP (Ramvilas) President and Union Minister Chirag Paswan addresses a public gathering during his party's Nav Sankalp Mahasabha program, in Purnia, on Sunday (ANI Photo)

लोक जनशक्ति पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान इश तरह से बिहार की सरकार पर हमला कर रहे हैं, जैसे मुख्य विपक्षी पार्टी राजद के नेता तेजस्वी यादव भी नहीं कर रहे हैं। चिराग पासवान ने कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर यहां तक कहा कि उनको शर्म आ रही है कि वे ऐसी सरकार का हिस्सा हैं। इसके बाद उनकी पार्टी के मंत्री संजय सिंह के विभाग की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें से मंत्री ही गायब थे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों के साथ उनके विभाग के कामकाज की समीक्षा की। बिहार सरकार पर हमला बोलने के बाद चिराग पासवान ने ऐलान कर दिया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में सभी सीटों पर लड़ने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि गठबंधन होगा तब भी और नहीं होगा तब भी वे उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ेंगे।

हालांकि यूपी के चुनाव लड़ने का मामला तो रणनीतिक लग रहा है। वे एक या दो सीट के लिए दबाव डाल रहे हैं। इसी तरह का दबाव डाल कर उन्होंने झारखंड और दिल्ली में भी भाजपा से एक एक सीट ले ली थी। लेकिन बिहार सरकार पर हमला बड़ी बात है। उनकी पार्टी के दो नेता राज्य सरकार में मंत्री हैं औऱ वे खुद केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री हैं। उनकी नाराजगी के बीच राजद और कांग्रेस इकोसिस्टम के लोग अंकगणित समझाने लगे हैं। उनको लग रहा है कि जदयू फिर पलटी मारेगी और इस बार जदयू, राजद और लोजपा मिल कर सरकार बनाएंगे। बिहार के तीनों क्षत्रपों के बेटों की सरकार बनने की बात कही जा रही है। नीतीश के बेटे निशांत को सीएम और लालू प्रसाद के बेटेट तेजस्वी व रामविलास पासवान के बेटे चिराग के डिप्टी सीएम बनने की बात कही जा रही है। हालांकि यह बहुत दूर की कौड़ी है।

जानकार सूत्रों का कहना है कि सिर्फ चिराग पासवान नहीं, बल्कि उपेंद्र कुशवाहा भी बेचैन इसलिए हैं क्योंकि इनको अपनी पार्टी टूटने का खतरा दिख रहा है। कहा जा रहा है कि उनके विधायक सीधे भाजपा में शामिल हो सकते हैं। ध्यान रहे भाजपा के 88 विधायक हैं। अभी वह पूरी तरह से जदयू पर निर्भऱ है, जिसके 85 विधायक हैं। अगर भाजपा अपने विधायकों की संख्या एक सौ पार करा लेती है तो यह निर्भरता कम होगी और रोज रोज की खींचतान भी बंद होगी।

Exit mobile version