राज्यसभा चुनावों की घोषणा के बाद जिस एक चेहरे को लेकर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं वह हरदीप सिंह पुरी का है। वे नरेंद्र मोदी की सरकार में पेट्रोलियम मंत्री हैं और उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सांसद हैं। पांच महीने में पंजाब में विधानसभा का चुनाव होने वाला है। ध्यान रहे पुरी केंद्र सरकार में सिख राजनीति का चेहरा हैं। पिछले दिनों उन्होंने गुरु गोविंद सिंह का जोड़ा साहिब पटना पहुंचाया था। पंजाब चुनाव से पहले उनको मंत्रिमंडल से हटाने का फैसला आसान नहीं होगा।
दूसरी ओर उनको लेकर ढेर सारे विवाद अलग हैं। उनका नाम अमेरिका में सेक्स अपराध के लिए बदनाम एपस्टीन फाइल्स में आया था। हालांकि उसके बाद भी वे सरकार में बने रहे। अगर उनको मंत्रिमंडल में बनाए रखना है तो राज्यसभा भेजा जाएगा। दूसरी चर्चा इस बात की है कि उनको मंत्रिमंडल में रखने की बजाय किसी राज्य का राज्यपाल बनाया जाए या कहीं राजदूत या उच्चायुक्त बना कर भेजा जाए। दोनों विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश से सिख नेता को राज्यसभा भेजने का लाभ नहीं है। एक सीट खाली होगी तो कोई पिछड़ा एडजस्ट होगा।
