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कुशवाहा की पार्टी का विलय होगा क्या?

उपेंद्र कुशवाहा

New Delhi, Sept 10 (ANI): Rashtriya Lok Morcha National President and Rajya Sabha MP Upendra Kushwaha addresses a press conference at Constitution Club in New Delhi on Tuesday. (ANI Photo/Jitender Gupta)

बिहार में भारतीय जनता पार्टी ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया है। वे कुशवाहा समाज से आते हैं और नीतीश कुमार के बनाए लव कुश समीकरण का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनको मुख्यमंत्री बनाने के बावजूद भाजपा ने राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के नेता उपेंद्र कुशवाहा को राज्यसभा भेजा और उनके बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाए रखा है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से कई बार की फटकार के बावजूद भाजपा ने उनको सरकार से नहीं हटाया। जब अदालत की नाराजगी बढ़ी तो भाजपा ने अपने एक सवर्ण एमएलसी का इस्तीफा करा कर दीपक प्रकाश को विधान परिषद का सदस्य बनाया ताकि वे मंत्री बने रहें। अब सवाल है कि ऐसा क्या है, जिसकी वजह से भाजपा को उपेंद्र कुशवाहा की इतनी जरुरत महसूस हो रही है, जबकि मुख्यमंत्री उसी समाज के हैं।

असल मे भाजपा चाहती है कि उपेंद्र कुशवाहा अपनी पार्टी का विलय कर लें। पहले भी यह बात आई थी। तब उपेंद्र कुशवाहा ने सोच कर बताने की बात कही थी। तभी छह मई की रात को पटना के एक होटल में काफी देर तक मशक्कत चली थी। अंत में अमित शाह ने उनके बेटे के दूसरी बार शपथ लेने की मंजूरी दी थी। इसके बाद उनके राज्यसभा जाने के समय भी विलय का मुद्दा उठा। अब फिर उसकी चर्चा हो रही है। दीपक प्रकाश को जो एमएलसी की सीट मिली है उसका कार्यकाल आठ महीने का है। अगले साल मार्च में उसका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। फिर क्या उनको छह साल के लिए एमएलसी बनाया जाएगा? भाजपा के जानकार नेताओं का कहना है अगर उपेंद्र कुशवाहा विलय के लिए तैयार नहीं होते हैं तो मुश्किल होगी। भाजपा उनका विलय इसलिए चाहती है ताकि राजनीतिक रूप से जागरुक और जाति देख कर वोट करने वाला कुशवाहा समुदाय पूरी तरह से भाजपा के साथ ही रहे।

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