उपेंद्र कुशवाहा का ध्यान रखने की मजबूरी
सोचें, भारतीय जनता पार्टी ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया है। वे कुशवाहा समाज के सबसे बड़े नेता हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद किसी भी पार्टी के कुशवाहा नेता का कोई भविष्य नहीं बचा। राजद के संसदीय दल के नेता अभय कुशवाहा ने जाकर सम्राट चौधरी को गुलदस्ता दिया। इसके बावजूद भाजपा को उपेंद्र कुशवाहा का ध्यान रखने की मजबूरी है। पहले उपेंद्र कुशवाहा को लोकसभा का चुनाव हारने के बाद दो साल की राज्यसभा मिली और फिर छह साल के लिए उनको राज्यसभा भेजा गया। उन्होंने अपने बेटे दीपक प्रकाश को बिना एमएलए या एमएलसी बने मंत्री बनवा...